पीलीभीत: पांच साल बाद पंजाब से पकड़ा गया 50 हजार का इनामी, कोरोना अस्पताल से हुआ था फरार

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश पांच साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसटीएफ नोएडा ने इनामी अपराधी को पंजाब से गिरफ्तार किया। कोतवाली पुलिस भी इस गुडवर्क में शामिल रही। अधिकारियों ने कोतवाली में प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

बता दें कि मूल रूप से जनपद बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र के पनवाड़ी शिव मंदिर इलाके का रहने वाला शशांक बजाज उर्फ शेलू पुत्र देशदीपक जिला कारागार बरेली में हत्या के मुकदमे में बंद था। उसे कोरोना होने पर जिला महिला चिकित्सालय पीलीभीत में संचालित कोरोना वार्ड में 19 सितंबर 2020 को पुलिस अभिरक्षा में भर्ती कराया गया था। वहीं उसका इलाज चल रहा था। 26 सितंबर 2020 की रात वह अस्पताल की खिड़की से कूदकर भाग गया।

इस मामले में डॉ. लेखराज गंगवार की ओर से सदर कोतवाली में महामारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से पुलिस उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। 16 जनवरी 2021 को उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कोतवाली पुलिस लगातार तलाश कर रही थी, वहीं एसटीएफ नोएडा को धरपकड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पांच साल तक पुलिस उसके पीछे लगी रही लेकिन सफलता नहीं मिली। एक सितंबर को सूचना पर एसटीएफ नोएडा ने लुधियाना (पंजाब) के कस्बा साहनेवाल में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कोतवाली पुलिस भी साथ रही। आरोपी को पकड़कर टीम पीलीभीत लाई। मंगलवार को सदर कोतवाली में एएसपी विक्रम दहिया और सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया और गुडवर्क गिनाया।

2021 में सदर कोतवाली में लिखी गई थी दूसरी एफआईआर
आरोपी शशांक बजाज पर बदायूं में हत्या के अलावा दो जानलेवा हमले के मुकदमे दर्ज थे। फरार होने पर सदर कोतवाली में उसके खिलाफ पहले महामारी अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उस पर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू की गई और गैर जमानती वारंट जारी हुआ, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद 24 मार्च 2021 को दूसरी एफआईआर तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम अवध बिहारी की ओर से दर्ज कराई गई थी।

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