लखीमपुर खीरी : झोलाछाप के इलाज से बिगड़ी हालत, बुजुर्ग की मौत

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Published By Monis Khan
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मझगईं, अमृत विचार। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग की उल्टी-दस्त आने से हालत बिगड़ गई। परिवार वालों के बुलाने पर आए गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर ने उपचार किया, लेकिन हालत सुधरने के बजाय और खराब हो गई। पलिया के डॉक्टरों के जवाब देने पर उसे एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
 
गांव शंकरपुरवा निवासी 60 वर्षीय रामस्वरूप को सोमवार की रात अचानक तबीयत खराब हो गई। परिवार वालों ने बताया कि उन्हें उल्टी-दस्त आने लगे। मंगलवार सुबह परिजन पास के ही एक झोलाछाप डॉक्टर को बुलाकर लाए। परिवार वालों का कहना है कि डॉक्टर के बोतल चढ़ाते ही रामस्वरूप की तबीयत और बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन पलिया ले गए, जहां  अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। 

इस पर उन्हें वापस लाकर कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। चौदह घंटे के अंदर मौत से घर में कोहराम मच गया। पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने झोलाछाप पर कार्रवाई न करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। 

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गंदगी, नालियों की सफाई न होने और मच्छरों की भरमार के चलते डायरिया, खांसी-जुकाम और फोड़े-फुंसी जैसी बीमारियां फैली हुई हैं। पीएचसी फार्मासिस्ट डॉ. विपिन मिश्रा ने बताया कि इस समय रोजाना डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज बुखार, खांसी-जुकाम और पेट की बीमारियों से अस्पताल आ रहे हैं।

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