पहियों का संसार… हर घर की मेंबर बन रही कार

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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कार… कभी शान शौकत और रसूखदारों की पहचान मानी जाती थी। एक जमाना था, जब सफेद रंग की फिएट निकलती थी तो बड़ों से बच्चों की निगाह टिक जाती थीं। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हुई और लोगों की आमदनी का जरिया बढ़ा तो कार शान शौकत से हटकर घरों की जरूरत बनती गई। पिछले दो दशकों में कार के बाजार में तेजी से उछाल आया। कार निर्माता कंपनियों ने भी मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए कारें बनाईं और आसान फाइनेंस ने कार को घर-घर तक पहुंचा दिया। 

प्रस्तुति: अंकुर शर्मा

भारतीय परिवारों में तीन कैटेगरी की कारें मिलती हैं। ए कैटेगरी में हैचबैक और सिडान, बी कैटेगरी में एसयूवी (स्पोटर्स यूटिलिटी व्हीकल) और एमपीवी (मल्टीपर्पज व्हीकल),सी कैटेगरी में वैन और ईको कार आती हैं। हर भारतीय की जरूरत हैचबैक कार पूरी कर देती थी, क्योंकि कार खरीदते समय वह माइलेज, मेंटेनेंस, पार्किंग स्पेस, रिपेयरिंग ही देखता था। कार के सेफ्टी व लक्जरी फीचर्स से ज्यादा लेना-देना नहीं होता था।

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कार एक्सपर्ट का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खासकर मध्यम वर्ग जिन पर कार कंपनियां ज्यादा फोकस करती हैं, हैचबैक से सिडान पर शिफ्ट हुआ है। आम भाषा में कहें तो ऐसी हर कार, जिसमें सात सवारियों की बैठने की सीटें और अलग से डिग्गी होती है, उन्हें सिडान कहा जाता है।

एक्सपर्ट्स का दावा है कि सिडान ने हैचबैक के ही मेजरमेंट में अधिक लेग स्पेस और हेड स्पेस दिया, जिसने यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाया, जिसके बाद जेनरेशन-एक्स हैचबैक से सिडान पर शिफ्ट हुई। इसके बाद सभी कार निर्माता कंपनियों ने सिडान के प्रोडक्शन पर ज्यादा ध्यान दिया। अब सिडान व्हीकल्स अत्यधिक फीचर्स के साथ बाजार में उपलब्ध है।

एसयूवी अब शहरों की शान

मारुति सुजुकी के कार एक्सपर्ट शुभम बताते हैं कि एसयूवी जैसा नाम से ही क्लीयर है कि स्पोटर्स यूटिलिटी व्हीकल ऑफ रोडिंग जंगलों व ऊबड़ खाबड़ रास्तों के लिए है। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस बहुत होती है, जो ऑफ रोडिंग के लिए अच्छा फीचर माना जाता है। अब एसयूवी भी घरों में जगह बना रही है। लोग अपने इस्तेमाल के लिए एसयूवी को अफोर्ड कर रहे हैं, जिस वजह से अब एसयूवी शहरों की भी कार बन गई हैं।

फीचर्स जो कारों को बना रहे हाईटेक

डिजिटल व टेक्नोलॉजी से कार इंडस्ट्री भी अछूती नहीं है। कई कंप्यूटराइज्ड फीचर्स हैं जिन्होंने लग्जरी को बच्चों का खेल बना दिया है।

इलेक्ट्रॉनिक एडजस्टेड सीट्स

अब कार में सीट को एडजेस्ट करने के लिए हैंडिल की खींचातानी करने की जरूरी नहीं है। कार में इलेक्ट्रॉनिक एडजस्टेड सीट्स आ रही है, जो एक बटन दबाते ही आरामदायक ढंग से आगे-पीछे एडजस्ट होती हैं।

वेंटीलेटेड सीट्स

गर्मी में ठंडी और सर्दी में गर्मी का अहसास कराने के लिए वेंटीलेटेड सीट्स आ रही है। आमतौर पर कार में आगे और लग्जरी कार में पीछे एसी होते हैं, लेकिन अब कार की सीट्स में एसी इन बिल्ट आ रहे हैं। इस तरह कार में बैठने वाले हर शख्स को एसी/हीटर की सुविधा मिलेगी, जो सफर को मौसम के अनुकूल बना देगा।

वायरलेस चार्जर

कार में वायरलेस चार्जर की सुविधा आ गई है। कार में फोन चार्ज करने के लिए वायर लगाने का झंझट नहीं है। चार्जिंग वायर भूलने पर भी फोन चार्ज होगा। वायरलेस चार्जर की सुविधा है कि फोन को चार्जर पर रखना होगा और कोई भी फोन फटाफट चार्ज होगा।

कार प्ले बना सबकी पसंद

अब हर कार में कार प्ले सबकी पसंद बन गया है। एलईडी स्क्रीन पर सेंसर्स कैमरे के जरिए आगे-पीछे देखना हो या गाना सुनना हो। चालक की हर फरमाइश कार प्ले से पूरी हो रही है। इस वजह से लोग कार प्ले को जरूर लगवा रहे हैं।

नेविगेशन लगाओ, कार ढूंढ लाओ

कभी-कभी होता है कि कार पार्किंग में लगाने के बाद भूल जाते हैं, तो चिंता की बात नहीं है। अब कार को फोन से कनेक्ट कर दिया जाता है। इस तरह फोन से कार को ऑन-ऑफ के साथ ही एसी भी ऑन कर सकते हैं। यदि आप कार पार्क कर भूल गए हैं तो नेविगेशन के जरिए कार तक पहुंच जाएंगे। इस तरह कई मल्टीपल फंक्शन हैं, जिन्होंने कार को सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत बना दिया है।