रामपुर गुरुद्वारा प्रकरण : हजारा पक्ष की तहरीर पर 220 लोगों पर मुकदमा दर्ज
बिलासपुर अमृत विचार। गुरुद्वारे में हुए हिंसक संघर्ष के मामले में हजारा परिवार पक्ष ने भी कोतवाली में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें नवाबगंज पक्ष के 20 नामजदों सहित कुल 220 लोगों को आरोपी बनाया गया। 8 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
मुकदमे के वादी बने सेवादार जितेन्द्र सिंह का कहना है कि सोमवार पूर्वाह्न 11:30 बजे षडयंत्र के तहत गुरुद्वारे पर अवैध कब्जा करने की नीयत से भू-माफिया व आपराधिक इतिहास वाले लोगों ने गुरुद्वारे पर चढ़ाई कर दी। मौजूद सेवादारों व प्रशासन ने उन्हें रोका, तब आरोपियों की भीड़ ने गुरुद्वारे के अंदर गाली-गलौज, मारपीट व तोड़-फोड़ की। धारदार हथियारों से हमला व फायरिंग भी कर दी। इसमें सुखदेव सिंह, गुरमुख सिंह व गुरजीत सिंह सहित कई लोग घायल भी हो गए। मुकदमे में आरोपियों की संख्या 220 बताई है। जिसमें 200 अज्ञात बताए गए हैं।
बाकी 20 नामजदों में दलवारा सिंह, सुल्तान सिंह, अवतार सिंह तारू, जसजीत सिंह बबला, दलजीत सिंह पीटीआई, राजेंद्र सिंह राजू, अवतार सिंह, राजेन्द्र सिंह गुल्लू, राजीव सिंह, सुरजीत सिंह, सरवन सिंह, जगतार सिंह, राम सिंह, परमजीत सिंह भिंडर, नरेंद्र सिंह निंदर, उदयवीर सिंह सन्नी, गुरलाल सिंह, गुरबाज सिंह, इंद्रजीत सिंह व हरप्रीत सिंह शामिल हैं। पसियापुरा स्थित गुरुद्वारे के प्रबंधन व संचालन पर कब्जे को लेकर बीते सोमवार को दो पक्षों में बड़ा हिंसक संघर्ष हुआ था।
इसके बाद नवाबगंज पक्ष ने हजारा परिवार पक्ष के 15 नामजदों सहित कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। इसके जवाब में हजारा परिवार पक्ष ने भी अब अपनी रिपोर्ट दर्ज करा दी है। मामले की विवेचना उप निरीक्षक संजय कुमार द्वारा की जा रही है। एक नामजद आरोपी को दो लाइसेंसी बंदूकों व 22 कारतूसों के साथ पकड़कर पुलिस उसका बीते मंगलवार को चालान कर चुकी है। प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह का कहना है कि विवेचना के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा धार्मिक स्थल प्रशासन के अधीन है और यहां अब किसी भी पक्ष का कब्जा नहीं है। मुख्य रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई है। विवाद करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
दोनों लाइसेंस किए जाएंगे निरस्त
कोतवाली पुलिस ने फायरिंग में प्रयुक्त दोनों बंदूकों के लाइसेंस धारकों की पहचान कर ली है। साथ ही उनके निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी भेज दी गई है। इसकी जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि बीते सोमवार को दोनों पक्षों में हुई हिंसक झड़प के दौरान फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने फायरिंग करने वाले आरोपी को पकड़ कर उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। साथ ही मंगलवार को उसका चालान भी कर दिया गया था। लेकिन, घटना के समय प्रयुक्त की गई दोनों बंदूकें अवैध तरीके से इस्तेमाल की गईं। जिस कारण दोनों बंदूकों के लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी गई है। दोनों लाइसेंस निरस्त कर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसडीएम और सीओ फोर्स के साथ तैनात
धार्मिक स्थल पर स्थानीय सहित इधर-उधर से आने वाले लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। एसडीएम और सीओ फोर्स के साथ धार्मिक स्थल पर तैनात रहे। धार्मिक स्थल पर हुए विवाद के बाद एकाएक पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरतता नजर आ रहा है। एसडीएम अरुण कुमार और सीओ रविंद्र प्रताप सिंह मुख्य रास्ते पर नजर रखे हुए हैं। दोनों अधिकारी सुबह से लेकर शाम और शाम से लेकर सुबह तक, चौबीसों घंटे धार्मिक स्थल पर ड्यूटी दे रहे हैं। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बताया कि जब तक विवाद नहीं निबट जाता, तब तक धार्मिक स्थल पर प्रशासन का कब्जा बना रहेगा। दो दिन बाद मुख्यालय पर दोनों पक्षों को बैठाकर वार्ता किए जाने का निर्णय लिया गया है। अगर कोई समाधान हुआ तो उच्च अधिकारियों के निर्देशनुसार ही कोई निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा दोनों पक्षों से बार-बार शांति और संयम बनाए रखने की अपील की जा रही है। कानून व्यवस्था से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह, उपनिरीक्षक अमित कुमार, संजय तेवतिया, मौ. आकिल, महेश चंद्र सहित आदि रहे।
