शॉपिंग माल जैसा नजर आएगा चारबाग बस अड्डा..नवरात्रि से शुरू होगा काम, दिसंबर 2026 तक हो सकता है तैयार
नीरज मिश्र, अमृत विचार: राजधानी के सबसे प्राचीन के दिन बहुरने वाले हैं। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। खाका खींच लिया गया है। बाहर से देखने पर यह बस स्टेशन बिल्कुल माल सरीखा दिखेगा। इसका अगला हिस्सा या यूं कहें कि मध्य में माल होगा और पीछे के भाग में बसों के रुकने और आवागमन की व्यवस्था होगी। एक ओर से बस प्रवेश करेगी और दूसरी ओर से प्रस्थान कर स्टेशन से बाहर निकल जाएगी। इससे मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।
अगर बस के आने में देर है तो यात्री यहां शॉपिंग का आनंद ले सकेंगे। फूड कोर्ट और बैंक के एटीएम तक इस परिसर में होंगे। नवरात्रि से इसके निर्माण के लिए कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। पीपीपी मॉडल पर बनाए जा रहे इस बस स्टेशन पर करीब 50 करोड़ की लागत आएगी। करीब 65 साल से संचालित यह राजधानी का प्राचीनतम बस स्टेशन है। सरकार की मंशा है कि जल्द से जल्द यह स्टेशन शुरू हो जाए और यात्रियों को यहां पर अत्याधुनिक सुविधाएं मिलना प्रारंभ हो जाएं। इसे दिसंबर 2026 तक तैयार किया जाना है। यानी तेजी से काम शुरू होगा।
जानें इस स्टेशन का महत्व: सामने ट्रेन, बगल में मेट्रो
यह बस स्टेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण के सामने ही चारबाग रेलवे स्टेशन है। बाहर से आने वाले मुसाफिर को अगर ट्रेन नहीं मिल पाई या फिर लेट है तो वह बस पकड़कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकता है। बस स्टेशन के बगल से ही मेट्रो निकलती है। यानी नगरीय परिवहन की भी सीधी व्यवस्था यहां से आसानी से उपलब्ध हो सकती है।
आधुनिक फूड कोर्ट, एसी प्रतीक्षालय
अगर बस जाने में समय है तो यात्री यहां पर बने माल में शॉपिंग कर सकता है। भूख लगी है और थोड़ा समय बिताना चाहता है तो उसके लिए एसी कैंटीन फूड कोर्ट भी यहां पर होगी। बेहतरीन और लजीज लखनवी भोजन का स्वाद उसे यहां 24 घंटे उपलब्ध होगा।
बस स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली अत्याधुनिक सुविधाएं
एसी प्रतीक्षालय जहां कर सकेंगे बस की प्रतीक्षा
वातानुकूलित हॉल
क्लॉक और पार्सल रूम
बेहतरीन उद्घोषक यंत्रो के साथ इन्क्वायरी और बुकिंग काउंटर
