200 नगर पालिका परिषदों में संपत्तियों का होगा GIS सर्वेक्षण, अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में हुआ फैसला
बैठक में 3850 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 37 परियोजनाओं को स्वीकृति
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश में 200 नगर पालिका परिषदों में जीआईएस तकनीक का उपयोग करके, प्रत्येक संपत्ति की सटीक सीमाएं और क्षेत्रफल को डिजिटल मानचित्रों पर दर्ज किया जाएगा। इससे राज्य सरकार संपत्ति के आकार और उपयोग के आधार पर करों का सटीक आकलन कर सकेगी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में अमृत 2.0 की 15वीं राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस सर्वेक्षण से संपत्ति कर के दायरे और संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। सर्वेक्षण में मौजूदा संपत्तियों की पहचान, नई संपत्तियों का समावेश और अपूर्ण डेटा को अपडेट किया जाएगा।
बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मुख्य सचिव द्वारा कुल 37 परियोजनाओं को अनुमोदन प्रदान किया गया, जिनमें 26 पेयजल, 07 सीवर, री-यूज, 01 पार्क एवं ग्रीन स्पेस और 03 सरोवर परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत सेन्टेज सहित 385036.70 लाख रुपये (लगभग 3850 करोड़ रुपये) है।
एक पेड़ मां के नाम, के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा पेड़ लगाने एवं उनकी उत्तर-जीविता सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इन महिलाओं द्वारा वृक्षों की नियमित सिंचाई, निराई, कीटनाशक एवं उर्वरक का छिड़काव किया जाएगा, तथा सूखे वृक्षों की जगह नए रोपे जाएंगे। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार, सचिव नगर विकास अजय कुमार शुक्ला व अनुज झा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि मौजूद रहे।
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