Bareilly : आजम की रिहाई पर खुशी मगर अखिलेश के साथ नहीं देने का गम बरकरार-शहाबुद्दीन
बरेली, अमृत विचार। सपा नेता आजम खान मंगलवार को सीतापुर की जेल से रिहा किए गए। उनके बाहर आने के बाद सियासी कायसबाजी का सिलसिला भी जारी है। इधर बरेली में आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने आजम की रिहाई पर खुशी जाहिर की। उन्होंने ये भी कहा कि अखिलेश यादव ने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ नहीं दिया ये गम भी बरकरार है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने आजम की रिहाई के बाद मंगलवार को एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि आजम खां हाईकोर्ट के आदेश पर रिहा हो गए। उनकी रिहाई से मुसलमानों में बेहद खुशी है। खुशी होनी भी चाहिए क्यों कि उन्होंने रामपुर की जनता और शहर के विकास के लिए काफी काम किए हैं। मौलाना ने खुशी का इजहार करते हुए मुसलमानों के गम का भी एहसास दिलाया और कहा कि जिन्होंने समाजवादी पार्टी को खून और पसीने से सींचा, मास्टर मुलायम सिंह यादव को मुल्ला मुलायम सिंह बना दिया।
उनकी मेहनतों का फल मुलायम परिवार को इतना मिला की मुलायम सिंह और उनके बेटे अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। मगर अखिलेश यादव ने इस मुश्किल घड़ी में आजम खां का साथ नहीं दिया। आजम खां और उनका परिवार अकेले ही अपनी लड़ाई लडता रहा , इस लड़ाई में अखिलेश यादव ने आजम खां को अकेला छोड़ दिया। इसी को एहसान फरामोशी कहा जाता है।
मौलाना ने आजम खां को राय देते हुए कहा कि जेल से रिहाई के बाद पूरे प्रदेश में अपने बिखरे हुए साथियों को एकजुट करें और एक राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान करें। 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ अपने प्रत्याशी उतारें, ताकि अखिलेश यादव को उनकी हैसियत का बखूबी अंदाजा हो जाएं। उत्तर प्रदेश का मुसलमान उनके साथ खड़ा नजर आएगा।
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