लखीमपुर खीरी : कंपनी निदेशक बनाने का झांसा देकर व्यापारी से ठगे 36.50 लाख रुपये 

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Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। शहर से सटे गांव फत्तेपुर सैधरी निवासी एक व्यापारी से एक कंपनी का निदेशक बनाए जाने के नाम पर 36.50 लाख रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सीजेएम के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने पूर्व सांसद पूर्व मंत्री हरिनरायन राजभर समेत चार लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
 
गांव फत्तेपुर सैधरी निवासी व्यापारी विपिन वर्मा ने बताया कि उसकी मुलाकात शहर के एक होटल में कंपनी कालसन हॉलीडेज एंड सूट अनलिमिटेड अनलिमिटेड फंड मेम्बरशिप बनाने के प्रोग्राम के दौरान जुलाई 2020 में  कंपनी के प्रबंधक और लखनऊ के विनय खंड गोमती नगर निवासी अतुल कुमार से हुई। दोनों ने उसे माइक्रो स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज का निदेशक बनाने की बात कहीं और इसके लिए पूर्व मंत्री पूर्व सांसद हरिनरायन राजभर से बात कराई। इसके बाद वह विश्वास में आ गए। इसके बाद आरोपियों ने उससे 13,00,000 रुपये नगद ले लिए। डायरेक्टर का प्रमाण-पत्र दे दिया। 

प्रमाण-पत्र देने के बाद कहा कि शेष धनराशि देने के बाद कार्यभार ग्रहण करवा देगें। आरोप है कि उसने आरोपियों के कहने पर अलग-अलग तिथियों पर अपने खाते से बताए गए अलग-अलग बैंकों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। कुल 36,50,000 लाख रुपये देने के बाद वह 26 अक्टूबर 2020 को अपनी गाड़ी पर डायरेक्टर का बोर्ड लगाकर कार्यभार का चार्ज लेने जब लखनऊ कार्यालय पहुंचा। तब उसे पता चला कि आरोपियों का दिया गया प्रमाण पत्र प्रमाण-पत्र फर्जी है। 

उसका कहना है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी कर 36,50,000 लाख रुपये की ठगी कर ली। उसने जब और अधिक जानकारी जुटाई तो पता चला कि आरोपियों का एक संगठित गिरोह है। गिरोह में नोएडा निवासी  बीके भारद्वाज, अमित कुमार सिंह व एक व्यक्ति और भी शामिल है। उसने कई बार सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। डीएम और एसपी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीजेएम की अदालत ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश सदर कोतवाली पुलिस को दिए हैं। 

शहर कोतवाल हेमंत राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पूर्व सांसद पूर्व मंत्री समेत सभी चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच एसआई संचित यादव को सौंपी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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