लापरवाही के चलते 34 स्कूलों के प्रधानाचार्य-लिपिकों का वेतन रोका, समीक्षा कर DIOS ने की कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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गोंडा, अमृत विचार: माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से संचालित योजनाओं की समीक्षा के लिए शुक्रवार को पीएम श्री बालिका इंटर कॉलेज में समीक्षा बैठक आयोजित हुई इस बैठक में जिले के सभी राजकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त, संस्कृत, व वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य शमिल हुए। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता संयुक्त शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल डॉ ओमप्रकाश गुप्त व  जिला विद्यालय निरीक्षक डा रामचंद्र ने की। बैठक में यू डायस की प्रगति व इंस्पायर अवार्ड के तहत प्रत्येक विद्यालय से हुए नामांकन की समीक्षा की गई। इस समीक्षा में 34 स्कूल कॉलेज फिसड्डी पाए गए। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों व लिपिकों का वेतन रोक दिया है।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि यू डायस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का डाटा फीड करने में कुछ स्कूल कॉलेज के जिम्मेदार शिथिलता बरत रहे हैं। इसको लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है फिर भी इसमें सुधार नहीं हो रहा है। इसी तरह इंस्पायर अवार्ड योजना के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय से पांच बच्चों का नामांकन कराया जाना है इसमें भी कई स्कूल कॉलेज के फिसड्डी हैं। इस लापरवाही को देखते हुए 34 स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा लिपिकों का वेतन बाधित कर दिया गया है। इन सभी का वेतन कार्य पूर्ण होने तक अवरुद्ध रहेगा। बैठक में करीब 200 स्कूलों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।‌

रुचि न लेने वाले वित्तविहीन कॉलेज बोर्ड परीक्षा में नहीं बनाए जाएंगे केंद्र

शासकीय दिशा निर्देशों को लेकर वित्तविहीन स्कूल कॉलेज की बड़ी लापरवाही सामने आई है इन कॉलेज का प्रबंध तंत्र लगातार सरकारी निर्देशों की अवहेलना कर रहा है। इसको लेकर भी जिला विद्यालय निरीक्षक ने सख्त रूख अपनाया है। समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शासकीय कार्यों में रुचि न लेने वाले स्कूल कॉलेजों को बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा और इसके लिए विद्यालय का प्रबंध तंत्र स्वयं उत्तरदायी होगा।

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