बरेली: डीआरएम स्पेशल ट्रेन की चपेट में आने से गैंगमैन की मौत
बरेली,अमृत विचार। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे सिटी स्टेशन और जंक्शन के बीच पूर्वोत्तर रेलवे के ऑन ड्यूटी एक गैंगमैन की डीआरएम स्पेशल ट्रेन से कटकर मौत हो गई। कंट्रोल से सूचना मिलते ही मौके पर पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे की आरपीएफ और जीआरीपी मौके पर पहुंच गई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे …
बरेली,अमृत विचार। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे सिटी स्टेशन और जंक्शन के बीच पूर्वोत्तर रेलवे के ऑन ड्यूटी एक गैंगमैन की डीआरएम स्पेशल ट्रेन से कटकर मौत हो गई। कंट्रोल से सूचना मिलते ही मौके पर पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे की आरपीएफ और जीआरीपी मौके पर पहुंच गई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया है। हादसे को लेकर कर्मचारी यूनियनों में काफी रोष है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के डीआरएम आशुतोष पंत स्पेशल ट्रेन से फर्रुखाबाद स्टेशन पर औचक निरीक्षण के लिए जा रहे थे। ट्रेन सिटी स्टेशन को पार कर उत्तर रेलवे के यार्ड से कुछ ही दूरी निकली थी। इसी बीच कीमैन की ड्यूटी करता गैंगमैन शबाब हुसैन स्पेशल ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घना कोहरा होने की वजह से शबाब हुसैन ट्रेन को देख नहीं पाया। वह ट्रैक को जांचते हुए आगे बढ़ता चला गया और अचानक ट्रेन की चपेट में आ गया। इस बारे में जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि डीआरएम ने मृतक का सभी भत्तों समेत पूरा वेतन और उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आदेश दिया गया है।
गैंगमैन की मौत के बाद यूनियनों में रोष, कीमैन पर कार्रवाई की तैयारी
शुक्रवार सुबह हादसे में गैंगमैन की मौत के बाद पूर्वोत्तर रेलवे की तमाम यूनियनें और कर्मचारी रेलवे प्रशासन के विरोध में आ गए। आरोप था कि शबाब हुसैन एक गैंगमैन था और उससे कीमैन का कार्य लिया जा रहा था। जिस कार्य में वह निपुण नहीं था वह उसे कैसे कर सकता था। इसलिए उसके साथ हादसा हुआ। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठने लगी है। उधर, पीडब्ल्यूआई जेपी भारती का कहना है कि मामले में जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। उधर, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
यूनियनों की मानें तो गैंगमैन शबाब को पे ग्रेड 1800 रुपये था जबकि कीमैन का ग्रेड पे 2500-2800 होता है। ऐसे में 1800 ग्रेड पे वाले कर्मचारी से कीमैन का कार्य नहीं लिया जा सकता मगर पीडब्ल्यूआई ने गैंगमैन शबाब से कीमैन का कार्य लिया जो गलत है। पीडब्ल्यूआई जेपी भारती ने बताया कि उनके यहां दो कीमैन (मेट) मोहनलाल और लालता प्रसाद हैं। लालता प्रसाद के परिवार में एक शादी समारोह था। इसलिए वह अवकाश पर चल रहे थे। पूरी जिम्मेदारी मोहनलाल को ही संभालनी थी। मोहनलाल ने गैंगमैन शबाब की ड्यूटी लगा दी और खुद अवकाश पर चले गए। लालता प्रसाद पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
उधर, डीआरएम आशुतोष पंत का कहना है कि वह शुक्रवार को निरीक्षण पर थे। परिवार के लिए आर्थिक मदद के आदेश जारी कर दिए हैं। पूरे मामले की जांच शनिवार से कराई जाएगी।
मां से बोलकर गया था- जल्द वापस आ जाऊंगा
शबाब के बड़े भाई सरताज हुसैन ने बताया कि वह जब ड्यूटी पर गया था तो मां से बोलकर गया था कि मैं ड्यूटी जा रहा हूं। जल्द ही वापस आऊंगा। वह तो ड्यूटी से वापस नहीं आया मगर उसकी लाश जरूर आई। तब से मां और पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि शबाब की उम्र 22 वर्ष है। उसे पिता की जगह नौकरी मिली थी। पिता भी रेलवे में ही थे। चार वर्ष पहले उसने नौकरी की शुरुआत की थी।
यूनियनों ने जताया शोक, 25 लाख रुपये की मदद की मांग
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे यूनियन के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। वहीं, कुछ लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जाकर परिवार वालों को सांत्वना दी। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के पदाधिकारियों ने रेलवे अधिकारियों से शबाब के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की है। पीआरकेएस के राजगुरु यादव ने बताया कि पीआरकेएस के कर्मचारियों ने सीएमओ से बात कर जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। उन्होंने शोक भी व्यक्त किया है। इस मौके पर जोनल वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेसी पालीवाल, विनय चतुर्वेदी, राजगुरु यादव आदि मौजूद रहे।
उधर, नरमू के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, मंडल मंत्री कामरान अहमद, संयुक्त मण्डल मंत्री रोहित सिंह, सोमनाथ बनर्जी, आरिफ हुसैन, हरीश भारती, महीप कश्यप आदि ने मंडल रेल प्रबंधक से फोन पर बात कर मृतक के सभी भुगतान कराने की अपील की।
