आतंकियों को संरक्षण

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Edited By Amrit Vichar
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26/11 के मुंबई हमले के मास्टर माइंड और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान सरकार हर महीने डेढ़ लाख रुपये देगी। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने मंजूरी दे दी है। इससे एक बार फिर पाकिस्तान के भारत में आतंकवाद फैलाने और …

26/11 के मुंबई हमले के मास्टर माइंड और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान सरकार हर महीने डेढ़ लाख रुपये देगी। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने मंजूरी दे दी है। इससे एक बार फिर पाकिस्तान के भारत में आतंकवाद फैलाने और उनका पोषण करने वालों को संरक्षण देने की भूमिका उजागर होती है।

2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में लखवी का हाथ सामने आने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इसे प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में डाला था। उस पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं लेकिन पाकिस्तान को इस आतंकी की चिंता सता रही है इसीलिए इमरान खान सरकार ने लखवी को पैसा देने दे लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इजाजत मांगी थी ताकि वह ऐशो-आराम से रह सके। लखवी को हर महीने खाने के लिए 50 हजार रुपये, दवा के लिए 45 हजार, खर्च के लिए 20 हजार, वकील की फीस के लिए 20 हजार और यात्रा के लिए 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।

मुंबई आतंकी हमले के बाद जेल में कैद जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान सरकार ने अप्रैल 2015 में रिहा कर दिया था, तब पाकिस्तान ने दलील दी थी कि लखवी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। जबकि मुंबई हमले को लेकर पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब, डेविड हेडली और अबू जुंदाल ने अपनी पूछताछ में जकीउर रहमान लखवी का नाम लिया था।

खुफिया एजेंसियों ने भी बताया था कि यह आतंकी हमले के दौरान आतंकियों के साथ संपर्क में था। वह रावलपिंडी के अडियाला जेल से रिहा होने के बाद काफी समय तक अंडरग्राउंड हो गया था, लेकिन उसने अपने आतंकी संगठन का नेतृत्व करना जारी रखा। जकीउर रहमान लखवी का अंतर्राष्ट्रीय आतंकी और जमात उल दावा का चीफ हाफिज सईद से करीबी संबंध हैं। माना जाता है कि संगठन में भी उसकी हैसियत नंबर दो की है।

1999 में भारत के खिलाफ हुए मुर्दिके सम्मेलन में लखवी ने तब खूब जहर उगला था। कहा जाता है कि 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेन में हुए विस्फोट के पीछे भी उसी का हाथ था। भारत के खिलाफ पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के चलते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को उसके निर्णय के खिलाफ खड़े होना चाहिए। ऐसे में, लखवी को हर महीने डेढ़ लाख रुपये देने के पाकिस्तान के सरकार के निर्णय को मंजूरी देने कहां तक उचित है?