कानपुर में कानूनगो से लेखपाल बने आलोक के पास 100 करोड़ की संपत्ति का अनुमान: जांच में 60 करोड़ की संपत्ति मिली
॰ जिला प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाया, अब तक 60 करोड़ की संपत्ति मिली ॰ विकास कार्यों पर रहती थी आलोक की पैनी निगाह, तुरंत खरीद लेता था जमीन
कानपुर, अमृत विचार। भ्रष्टाचार के कारण कानूनगो से लेखपाल बनाए गए आलोक दुबे के पास अकूत संपत्ति है, जांच टीम का अनुमान है कि आलोक के पास 100 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पूर्व कानूनगो आलोक दुबे प्रकरण में जांच टीम के सामने नित नए खुलासे आ रहे हैं। अब तक लगभग 60 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हो चुका है जबकि जांच की दिशा अभी कुछ और ही नजारे बयां कर रही है।
आलोक दुबे के पास कानपुर के सचेंडी में सबसे अधिक 56 संपत्तियों का खुलासा हुआ है। बताते हैं कि कानूनगो होने के नाते आलोक को पहले ही पता चल जाता था कि सरकार की कौन सी विकास योजना आने वाली है, यदि कहीं हाईवे प्रस्तावित है तो वह हाईवे के आसपास के गांवों में डेरा जमा देता था और वहां की जमीनों को खरीदकर ऊंचे दामों में फरोख्त करता था।
कानूनगो का चिटठा उस वक्त खुला, जब भीमसेन के रहने वाले संदीप सिंह ने मार्च 2024 में कोतवाली में कानूनगो के खिलाफ मुकदमा कायम कराया। यहां कानूनगो ने दादी द्वारा वरासत में दी गई जमीन के कागजात में फर्जीवाड़ा करने के लिए कागजात तैयार कराये गये थे। इस जमीन में वहां की लेखपाल अरुणा द्विवेदी ने जमीन खरीदी थी।
पूरा प्रकरण खुलने के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कानूनगो आलोक दुबे को डिमोशन देते हुए लेखपाल बना दिया जबकि लेखपाल अरुणा द्विवेदी को निलंबित कर दिया । इस जमीन के लुका छुपी खेल में पूर्व कानूनगो ने एक कंपनी को अपने साथ मिला लिया था और उसी कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर खेल चल रहा था। हालांकि उक्त कंपनी की भी जांच शुरु हो गयी है।
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