भारत का ऋण जीडीपी अनुपात सबसे कम, कर्ज को बढ़ावा देने पर सरकार कर रही काम: कांत

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नई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने शनिवार को कहा कि भारत का निजी ऋण और जीडीपी अनुपात इसके वैश्विक साथियों के मुकाबले सबसे कम है और सरकार अभी तक अछूते क्षेत्रों में ऋण को बढ़ावा देने के लिए एक ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने ग्लोबल एलायंस फॉर मास एंटरप्रेन्योरशिप (जीएएमई) द्वारा आयोजित …

नई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने शनिवार को कहा कि भारत का निजी ऋण और जीडीपी अनुपात इसके वैश्विक साथियों के मुकाबले सबसे कम है और सरकार अभी तक अछूते क्षेत्रों में ऋण को बढ़ावा देने के लिए एक ढांचा तैयार कर रही है।

उन्होंने ग्लोबल एलायंस फॉर मास एंटरप्रेन्योरशिप (जीएएमई) द्वारा आयोजित एक आभासी कार्यक्रम में कहा कि हाल के वर्षों में भारत के बड़े हिस्से में ऋण परिदृश्य को भार माना जाता था। उन्होंने कहा कि भारत का निजी ऋण और जीडीपी अनुपात वैश्विक साथियों के मुकाबले सबसे कम है। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में जबरदस्त वृद्धि हुई है, उनके जीवन स्तर में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि वियतनाम का हालिया विकास कुछ हद तक निजी ऋण में वृद्धि के चलते हुआ है। कांत ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन औपचारिक वित्तीय क्षेत्र द्वारा उनकी ऋण संबंधी जरूरतों को काफी कम पूरा किया जाता है।

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