Cough Syrup Advisory: डॉक्टर के लिखने पर ही बेची जाए कफ सिरप...घर में रखी व खुली दवा का उपयोग न करने की अपील
लखनऊ, अमृत विचार। औषधि विक्रेता केवल पंजीकृत चिकित्सक की लिखी पर्ची पर ही कफ सिरप की बिक्री करें, क्योंकि कफ सिरप में प्रयुक्त सक्रिय तत्व औषधि नियमावली 1945 के अंतर्गत आते हैं। ये निर्देश मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त रोशन जैकब ने जारी किया है।
उन्होंने इसका व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने लोगों से बगैर चिकित्सकीय परामर्श दवाओं का सेवन न करने और घर में रखी पुरानी या खुली दवाओं का उपयोग न करने की अपील भी की है। कहा कि औषधि खरीदते समय दवा की अंतिम तिथि (एक्सपायरी डेट) देखने के साथ दुकानदार से दवा का बिल जरूर लें।
कुछ राज्यों में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत गई थी। इसके बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई कफ सिरफ पर लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने अपने निर्देश में कहा कि निर्माता कंपनियों के निरीक्षण सिरप में उपयोग किए गए सहायक रसायनों की नमूने लेकर जांच अनिवार्य रूप से कराई जाएगी।
समय-समय पर दवाओं के नमूनों में हानिकारक रसायनों की मिलावट की जांच भी कराई जाएगी। अपमिश्रण पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कोई व्यक्ति या फर्म मिलावटी, नकली या नकली नाम से औषधियों का निर्माण या बिक्री करती है उसे संज्ञेय अपराध मानकर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
प्रतिबंधित कफ सिरप की तलाश में तीन फार्मों पर मारा छापा
प्रतिबंधित कफ सिरप की जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने मंगलवार को भी तीन फर्मों में छापे मारे। दो फर्मों से कफ सिरप के नमूने भी लिए गए। एफएसडीए सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को सरोजनीनगर स्थित मेसर्स स्टैडमेड प्राइवेट लिमिटेड, कृष्णानगर की मेसर्स न्यूरोकेम लेबोरट्रीस और एशेबाग की आरपिक प्राइवेट लिमिटेड में जांच की गई।
FSDA ने दूसरे दिन भी जारी राखी छापेमारी
जांच के दौरान मेसर्स न्यूरोकेम लेबोरट्रीस के अधिकारियों ने बताया कि वह अब कफ सिरप का निर्माण व भंडारण नहीं करते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने बताया कि मेसर्स स्टैडमेड प्राइवेट लिमिटेड व आरपिक प्राइवेट लिमिटेड से दो कफ सिरप के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि नमूनों की जांच में यदि मानक के विपरित अवयव मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़े :
