बदायूं : बेइज्जती से परेशान व्यापारी ने फंदा लगाकर दी जान
कादरचौक, अमृत विचार। लकड़ी और गल्ले का एक व्यापारी धोखाधड़ी का शिकार हो गया। उसने लकड़ी लाने के लिए एक युवक को 4.23 लाख रुपये दिए। जिसके बाद युवक ने रुपये वापस नहीं गए। लकड़ी भी लाकर नहीं दी। व्यापारी मंगलवार को रुपये मांगने गया तो युवक ने थप्पड़ मारते हुए बेइज्जत किया। व्यापारी परेशान होकर अपनी घर लौटा और कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस के आरोपी युवक को हिरासत में लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया गया।
कादरचौक थाने के पीछे रहने वाले रिंकू उर्फ प्रदीप कुमार (45) पुत्र सुरेश चंद्र व्यापारी थे। वह लकड़ी की टाल चलाते थे और गल्ले का व्यापार करते थे। आसपास के गांवों के लोग उनके प्रतिष्ठान पर लकड़ी और गल्ला बेचने जाते थे। जिसके चलते टाल पर लकड़ी लाने के लिए उन्होंने लगभग तीन साल पहले गांव मौसमपुर पट्टी निवासी किताब सिंह उर्फ भूरे पुत्र बच्चू सिंह को 4 लाख 23 हजार रुपये एडवांस दिए थे। जिसके बाद भूरे ने लकड़ी दी और न ही रुपये वापस किए। रिंकू ने कई बार लकड़ी लाने या रुपये वापस करने को कहा तो भूरे ने कई बार में 20 हजार रुपये ही वापस किए। काफी इंतजार के बाद रुपये वापस न करने पर रिंकू ने दो बार पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
एक बार भूरे पर शांतिभंग की कार्रवाई की। रिंकू ने फोन करके भूरे से रुपये वापस मांगे लेकिन उसने नहीं दिए। जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ। मंगलवार को रिंकू रुपये मांगने गांव मौसमपुर पट्टी गए थे। आरोप है कि भूरे ने रुपये देने से मना कर दिया और उनके साथ मारपीट की। कई थप्पड़ मार दिए। रिंकू परेशान होकर अपने घर आ गए। परिजनों को आपबीती बताते हुए ऑडियो सुनाई। परिजनों के अनुसार बेइज्जत होने की वजह से रिंकू रात भी नहीं सोए।
बुधवार सुह उनका शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। परिजनों में चीत्कार मच गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। भूरे की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने भूरे को हिरासत में लिया। तब जाकर शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया। मृतक के भाई सुमित कुमार ने भूरे के खिलाफ तहरीर दी है। साथ ही कहा कि अगर पुलिस आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करती तो आज रिंकू की मौत न होती। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
