मौसम का बदलाव करने लगा बीमार.. सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में वायरल बुखार, बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
लखनऊ, अमृत विचार : मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों को स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिन में गर्मी और रात को हल्की ठंड होने से लोग खांसी,जुकाम और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बीते दिनों हुई बारिश के बाद जलभराव से मच्छर बढ़ गए हैं। इससे लोग मच्छर जनित बीमारियाें की चपेट में भी आ रहे हैं। गंदगी वाले इलाकों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायतें भी बढ़ी हैं। शहर के बलरामपुर, सिविल और लोकबंधु सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। चिकित्सक इलाज के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया इस समय प्रतिदिन बुखार के 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें 20-25 गंभीर मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। डॉ. हिमांशु के मुताबिक मौसम में बदलाव से शरीर के तापमान में बदलाव व रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाती है। बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
लोकबंधु अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव दीक्षित के मुताबिक कुछ दिनों से वायरल इंफेक्शन के मरीज बढे हैं। चिकित्सक इलाज के साथ बचाव को लेकर भी जागरूक कर रहे हैं। बिना चिकित्सक की सलाह एंटीबायोटिक न लें। इसके अलावा ठाकुरगंज संयुक्त अस्पताल, रानी लक्ष्मीबाई, भाऊराव देवरस और बीकेटी के रामसागर मिश्र संयुक्त अस्पताल समेत सीएचसी और पीएचसी में भी वायरल संक्रमण के मरीज आ रहें हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं की उपलब्धता करा दी गई है।
सांस के भी रोगी बढे
केजीएमयू के रेस्पेरेट्री मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। अस्थमा और एलर्जी वाले मरीजों में समस्या कई गुना बढ़ जाती है। ओपीडी में 30-40 फीसदी मरीज इन्हीं समस्याओं को लेकर आ रहे हैं। जिन मरीजों को राहत नहीं मिल रही है उनके डोज में बदलाव कराया जा रहा है। डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि जो सांस के मरीज पहले से दवा खा रहे हैं और उन्हें राहत नहीं मिल रही है, वह एक बार अपने डॉक्टर से मिलकर डोज में बदलाव करवा लें। मौसम में बदलाव और समस्या के अनुसार कई बार डोज बढ़ानी पड़ जाती है। लोहिया संस्थान के रेस्पेरेट्री मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि इस समय सांस संबंधी एक्यूट अटैक के चलते मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। बदलते मौसम में सांस के मरीजों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
वायरल बुखार के लक्षण
- गले में खराश और कंपकंपी
- खांसी, जुकाम, तेज बुखार
- थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द
- सिर और गले में दर्द, आंखें लाल होना
ऐसे करें बचाव
- गुनगुना पानी पिएं।
- ठंड से बचाव करें।
- एसी में न रहे।
- धूल और धुएं से बचाव करें।
- मास्क लगाकर बाहर निकलें।
- समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
इस मौसम में मच्छर जनित बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग नगर निगम के साथ मिलकर 5 अक्टूबर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान व 11 अक्टूबर से दस्तक अभियान शुरू किया है। 31 अक्टूबर तक चलने वाले इन अभियानों से लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। बीमार लोगों का इलाज सुनिश्चित कराया जा रहा है। साफ सफाई, फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।- डॉ.एनबी सिंह, सीएमओ
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