UP: रामपुर में घड़ियाली आंसू बहाने आए थे अखिलेश, आजम से मिलने पहुंचे स्वामी प्रसाद की तीखा हमला 

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां से मिलने के लिए शनिवार को उनके मीरबाज खां स्थित आवास पर पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य मिलने पहुंचे। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिस तरीके से दुर्भावना से योगी सरकार ने उनके साथ मुर्गी चोरी, बकरी चोरी जैसे घटिया आरोप लगाकर सालों साल पूरे परिवार को जेल में रखा। सपा ने कुछ नहीं किया, स्वाभाविक रूप से अखिलेश यादव अब अगर मिलने आए हैं तो केवल घड़ियाल आंसू बहाने के लिए आए थे।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि लंबे अरसे बाद न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद बाहर आए हैं। आज वह उनका हाल चाल जानने आए हैं। कहा कि आए दिन उनका पेशी पर जाना लगा रहता है जैसे ही वह खाली होंगे हम फिर से उनके साथ बैठेंगे। स्वाभाविक रूप से आजम खां के साथ जो हुआ है वह लोकतंत्र में एक बदनुमा दाग है। लोकतंत्र में व्यक्तिगत दुश्मनी का कोई स्थान नहीं है। योगी सरकार ने जो निभाई है साथ-साथ वह जनजातीय सरकार की पराकाष्ठा है। कहा कि आजम खां समाजवादी पार्टी के वरिष्ठतम नेता हैं। मुलायम सिंह यादव के बाद समाजवादी पार्टी में सबसे वरिष्ठ नेता आजम खां हैं।

लेकिन, जब इनपर आफत के पहाड़ टूट तो समाजवादी पार्टी एक दिन भी आजम खां के लिए सड़क पर नहीं आई। न कभी धरना दिया और न कभी प्रदर्शन किया और न कभी राज्यपाल से मिलकर कोई ज्ञापन दिया। कहा कि बहुजन समाज पार्टी ने चार बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई आज एक विधायक पर आकर खड़ी हो गई उसका मुख्य कारण यह है कि बहुजन समाज पार्टी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मिशन से दूरी बना लिया जिसके कारण उसकी दुर्गति हुई। 

कहा कि 9 अक्टूबर को भी मायावती ने कोई नई घोषणा नहीं की। बल्कि, भाजपा की प्रशंसा कर दी। जिसके कारण रैली में आया कार्यकर्ता मायूस होकर गया है। कहा कि मायावती भाजपा की कठपुतली बनकर कार्य कर रही हैं। कहा कि वर्ष 2027 में भाजपा हटाओ प्रदेश बचाओ की नीति पर काम होगा। कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश में जंगल राज बन गया। प्रदेश में 27,700 स्कूल बंद होने जा रहे थे विरोध करने पर सरकार बैक फुट पर आई है। इस मौके पर पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम मौजूद रहे।

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