New Sports Act: नए खेल अधिनियम के मसौदा नियमों में तीन सदस्यीय एनएसबी, एसओएम के लिए स्तरीय पात्रता मानदंड
नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने बुधवार को राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम के लिए अपने नियोजित ढांचे का अनावरण किया जिसमें महासंघों को मान्यता प्रदान करने के लिए तीन सदस्यीय राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) और प्रशासनिक व्यवस्था में शामिल होने के इच्छुक प्रतिष्ठित खिलाड़ियों (एसओएम) के लिए एक स्तरीय पात्रता मानदंड का प्रस्ताव रखा गया है। मंत्रालय ने एनएसबी, राष्ट्रीय खेल पंचाट (एनएसटी) और राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल (एनएसईपी) के लिए मसौदा नियम अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए हैं और अगले 30 दिन के भीतर जनता से प्रतिक्रिया मांगी है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘ये नियम राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘यह अधिनियम खेल के सभी स्तरों पर नैतिक कार्यों और निष्पक्ष खेल को सुनिश्चित करने, प्राथमिक हितधारकों के रूप में खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने और देश में खेलों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का प्रयास करता है।’’
एनएसबी अगस्त में संसद द्वारा पारित अधिनियम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इसके पास ना केवल राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को मान्यता प्रदान करने बल्कि उनके वित्तीय संचालन की निगरानी करने और किसी भी गलत कार्य के लिए उन्हें दंडित करने का भी अधिकार होगा। सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए एनएसएफ के लिए एनएसबी से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है, ‘‘बोर्ड में एक अध्यक्ष और दो अन्य सदस्य होंगे जो योग्य, ईमानदार और प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे जिनके पास लोक प्रशासन, खेल प्रशासन, खेल कानून और अन्य संबंधित क्षेत्रों का ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव होगा।’’
नियुक्तियां कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक खोज सह चयन समिति द्वारा की जाएंगी जिसमें खेल सचिव और ‘खेल प्रशासन में अनुभव रखने वाला एक व्यक्ति और केंद्र सरकार द्वारा नामित राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्राप्त दो व्यक्ति" शामिल होंगे। एनएसबी के सभी सदस्यों के लिए आयु सीमा 65 वर्ष निर्धारित की गई है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘अध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य अपने पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि तक या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक (जो भी पहले हो) पद पर बने रहेंगे।’’ सभी सदस्य एक और कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे जो आयु सीमा पर निर्भर करेगा। इसमें कहा गया, ‘‘अध्यक्ष या कोई भी सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल निकाय, राष्ट्रीय खेल निकाय या उनकी मान्यता इकाई या किसी भी राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन में किसी पद पर काबिज नहीं होगा।’’
मंत्रालय के मसौदे के अनुसार राष्ट्रीय खेल पंचाट के सदस्य 67 वर्ष की आयु सीमा के साथ चार वर्ष तक पद पर बने रहेंगे। इसके अतिरिक्त पंचाट के पदाधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पंचाट के समक्ष मुकदमा लड़ने की अनुमति नहीं होगी। पंचाट में अपने-अपने पदों पर कार्यरत रहते हुए उन्हें किसी भी मध्यस्थता कार्य को करने की भी अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा पद छोड़ने की तिथि से दो वर्ष तक उन्हें ‘किसी भी ऐसे व्यक्ति के प्रबंधन या प्रशासन से संबंधित कोई भी रोजगार स्वीकार करने से बचना होगा जो पंचाट के समक्ष किसी कार्रवाई में पक्षकार रहा हो। पंचाट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेल संबंधी मामले अदालतों में नहीं पहुंचे जहां वर्तमान में खेलों से संबंधित 300 से अधिक मामले लंबित हैं। नियमों में खिलाड़ियों के लिए एक स्तरीय मानदंड निर्धारित किया गया है जिन्हें अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रशासनिक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रत्येक महासंघ की आम सभा में चार या उससे अधिक संख्या में प्रतिष्ठित खिलाड़ी, निर्वाचित या मनोनीत, होना अनिवार्य है। इच्छुक खिलाड़ियों को प्रशासनिक पद के लिए आवेदन करने से कम से कम एक वर्ष पहले अपने खेल से संन्यास ले लेना चाहिए और केवल वे ही राष्ट्रीय ओलंपिक समिति में शामिल होने के पात्र हैं जिन्होंने ओलंपिक पदक जीता हो या कम से कम एक ओलंपिक में भाग लिया हो। महासंघों में शामिल होने के मानदंडों में ढील दी गई है।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार या संबंधित खेल की विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाला खिलाड़ी इसके लिए पात्र होगा। स्तर एक खिलाड़ी वे होंगे जिन्होंने ओलंपिक या शीतकालीन ओलंपिक में कम से कम एक पदक जीता हो जबकि स्तर दो में वे आवेदक शामिल होंगे जिन्होंने ओलंपिक या शीतकालीन ओलंपिक खेलों के दो या अधिक सत्र में भाग लिया हो। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उपलब्धियों के अवरोही क्रम में 10 स्तर हैं। नियमों में प्रस्ताव है कि बोर्ड सालाना एक बैलेंस शीट तैयार करेगा जिसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तीन महीने के भीतर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऑडिट के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रीय खेल संघों में चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभालने वाले राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल के लिए हर समय अपनी टीम में कम से कम 20 सदस्यों को रखना अनिवार्य होगा।
