धनतेरस पर बाजारों में रौनक, कारोबार 150 करोड़ के पार... खूब बिके स्टील, तांबे व पीतल के बर्तन, कपड़ा व इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में भी बूम-बूम

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। धनतेरस के पर्व पर शनिवार को रामनगरी के बाजारों में रौनक का माहौल रहा। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद लोग खरीदारी के लिए बाजारों की ओर उमड़ पड़े। वाहनों, कपड़ों, बर्तनों, मिठाइयों और मिट्टी की मूर्तियों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। हालांकि, महंगाई के चलते सोने और चांदी के आभूषणों की बिक्री में इस बार कमी दर्ज की गई।

शहर के प्रमुख ऑटोमोबाइल शोरूम्स में बाइक और कार की बिक्री ने रफ्तार पकड़ी। अधिकतर ने पहले ही वाहनों की बुकिंग करा रखी थी, कुछ ने पेमेंट भी कर दिया। धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर वाहनों की डिलीवरी ली। बाइक शोरूम से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को 4500 से अधिक बाइक की खरीदारी हुई, जबकि कार शोरूम के मालिकों के अनुसार 150 के करीब कारें भी शोरूम से निकली। इसके अलावा करीब 100 इलेक्ट्रिक वाहन जैसे स्कूटी, ई रिक्शा आदि की बिक्री हुई। इसके अलावा, ट्रैक्टर व भारी वाहनों की भी खरीदारी हुई। 

शहर के एक बाइक शोरूम के मालिक तरूण गुप्ता ने बताया कि इस जीएसटी स्लैब में कमी होने से इस वर्ष दीपावली पर्व पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में अच्छा कारोबार हुआ। कई शोरूम ने लुभावने ऑफर भी दिए। बताया कि कई ग्राहकों ने पहले से ही बुकिंग कर रखी थी और धनतेरस के दिन डिलीवरी लेने के लिए उत्साह दिखा। बताया कि उदया तिथि के चलते कुछ लोगों नेब धनतेरस पर्व को रविवार को भी माना है। दो दिनों में जिले में करीब 4500 बाइकों का बिक्री होने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

कपड़ा, बर्तन, मिठाई व मूर्ति आदि के बाजार में भी धूम

कपड़ों और बर्तनों की दुकानों पर भी खासा उत्साह देखा गया। शहर के रिकाबगंज, चौक, फतेहगंज, अयोध्या धाम में श्रृंगार हाट, रानीबाजार समेत ग्रामीण इलाकों की बाजारों में रंग-बिरंगे परिधानों और स्टील, पीतल व तांबे के बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। महिलाएं खासतौर पर साड़ियों, लहंगों और बच्चों के कपड़ों की खरीदारी में व्यस्त दिखीं। बर्तन विक्रेता शिवदयाल ने बताया कि तांबे के गिलास और पीतल के पूजा के बर्तनों की मांग ज्यादा रही। मिट्टी की मूर्तियों और लक्ष्मी-गणेश की छोटी प्रतिमाओं की बिक्री ने बाजारों में उत्सव का माहौल बनाए रखा। दुकानदार हरीश प्रजापति ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश के साथ हनुमानजी की मूर्तियां खरीदी जा रही है। मिठाई विक्रेता राकेश गुप्त ने कहा कि खोया, बेसन और सूजी की मिठाइयों की मांग सबसे ज्यादा रही। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार बर्तन बाजार में करीब दो करोड़, मिठाई, कपड़ा व मूर्ति आदि की बाजार में पांच से सात करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।

दाम घटे तो खूब बिके इलेट्रॉनिक सामान

जीएसटी कम होने से इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के दामों में भी कमी आई। इसके चलते एलईडी, फिज, वॉशिंग मशीन, एसी, गीजर समेत अन्य सामान्यों की भी खूब बिक्री हुई। ल्रगभग सभी सामानों पर कुछ न कुछ गिफ्ट भी ग्राहकों को दिया गया। शहर के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के बड़े शोरूम में खूब भीड़ दिखी। यहां भी पहले से अधिकतर लोगों ने बुकिंग करा रखी थी। इसके अलावा लोगों ने बिजी के सजावट वाले सामान जैसे झालर आदि व गिफ्ट आदि भी खरीदें। अयोध्या धाम के एक दुकानदार संतोष गुप्ता ने बताया कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष अच्छा कारोबार हुआ। बताया कि कुछ बड़ी कंपनियां मांग के अनुरूप सामान ही उपलब्ध नहीं किरा सकीं। अनुमान के मुताबिक बाजार में 25 करोड़ से ज्यादा का व्यापार हुआ।

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