Diwali 2025: हनुमान जयंती और नरक चतुर्दशी आज...क्यों होती है इनकी विशेष पूजा, जानिए महत्व
अमृत विचार,लखनऊ: कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी रविवार को है, इसी दिन हनुमान जयंती मनाई जाएगी। मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म मंगलवार को मेष लग्न स्वाति नक्षत्र में मध्यान्ह के समय हुआ था। इस दिन हनुमान भक्त व्रत रखते हैं। राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की पूजा करते हैं तथा भजन-कीर्तन और सुन्दरकाण्ड का पाठ करते हैं।
मंदिरों में गुड़-चने का प्रसाद अर्पित कर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इसी दिन नरक चतुर्दशी और रूप चतुर्दशी भी मनाई जाती है। सुबह सूर्योदय से पूर्व तिल के तेल से स्नान फिर भगवान श्रीकृष्ण के निमित्त दीप जलाकर आरोग्य और दीर्घायु की प्रार्थना की जाती है। शाम को महालक्ष्मी और कुबेर के लिए दीप प्रज्वलित कर मंत्र जाप करते हैं और आर्थिक समृद्धि की कामना की जाती है। इस दिन यमराज के लिए दीपदान करने से नरक भय से मुक्ति मिलती है।
हनुमान गढ़ी पर आज मनाई जाएगी हनुमान जयंती
अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के साथ हनुमानगढ़ी मंदिर में बजरंगबली की जयंती का भी आयोजन संपन्न किया जाएगा, इस दिन मंदिर देर रात्रि 2 बजे तक मंदिर का पट खुला रहेगा। मंदिर पर 11 विद्वानों द्वारा पाठ कर हवन कुंड में 1100 वैदिक मन्त्रों का परायण के साथ आहुति डाली गई। तो वही रविवार को भगवान की जयंती का भव्य आयोजन संपन्न किया जाएगा। जिसमे रात्रि 12:00 बजे भगवान हनुमान जी महाराज को हीरे जावरा से जड़ित नवलखा हार और श्रृंगार के साथ भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा।
हनुमानगढ़ी मंदिर के वरिष्ठ पुजारी रमेश दास ने बताया कि 9 दिनों तक चले नवाह पाठ संपन्न होने के बाद मंदिर परिसर के यज्ञशाला में वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर हवन किया गया। हनुमान जयंती पर सुबह 4:30 बजे बजरंगबली का भव्य श्रृंगार और आरती का आयोजन संपन्न करने के बाद पूरे दिन श्रद्धालुओं के दर्शन का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। देर शाम बजरंगबली का भव्य श्रृंगार होगा। रात्रि 12 बजे महारत आरती का आयोजन संपन्न किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मौके पर पूरे मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं इसके लिए रात्रि 2 बजे तक मंदिर खुला रहेगा।
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