कानपुर : आधी अधूरी सड़कें बढ़ा रही शहर में वायु प्रदूषण, दीपावली के पहले सड़कों की मरम्मत के दावे निकले हवा-हवाई
कई खुदी सड़कों को आज तक नहीं बनाया गया, कहीं तो अधूरी ही छोड़ दी गईं
कानपुर, अमृत विचार। दीपावली के पहले सड़कों की मरम्मत के दावे हवा-हवाई निकले। कुछ सड़कों को बनाया या पैचवर्क जरूर किया गया, लेकिन अधिकांश पर अभी भी गड्ढे हैं। कुछ टूटी सड़कों को तो अधूरा ही बनाकर छोड़ दिया गया। जिसकी वजह से अभी भी यहां धूल उड़ने के साथ राहगीर हिचकोले खा रहे हैं। उत्तर क्षेत्र से लेकर दक्षिण तक यही स्थिति है।
जलनिगम और मेट्रो की ओर से खोदी गई सड़कों को भी नहीं बनाया गया। सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों पर भी धूल उड़ रही। योगेंद्र विहार, रावतपुर, काकादेव, बर्रा और पुरानी सेल टैक्स रोड पर दिनभर धूल उड़ रही है। जो शहर में वायु प्रदूषण की वजह बनी हुई है।
सचान चौराहे से शास्त्री चौक जाने वाली सड़क आधी बनाई
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत सचान चौराहे से शास्त्री चौक के बीच में भी पाइपलाइन डाली गई। घटिया पाइप लाइन की मरम्मत के लिए पिछले दिनो जलनिगम ने फिर से खोदाई की। जिसके बाद सड़क यूंही खुदी छोड़ दी गई। जिससे यहां रहने वाले व राहगीरों के लिए सड़क नरक बन गई। दीपावली पर अधिकारियों पर सख्ती हुई तो दिखावे के लिए सचान से संकटमोचन हनुमान मंदिर तक एक तरफ सड़क का निर्माण कर दिया गया, लेकिन इसके आगे आज भी सड़क खुदी है। जिसपर लोग हिचकोले खा रहे हैं।
रेव मोती के सामने भी सड़क पर उड़ रही धूल
रावतपुर में रेवमोती मॉल के सामने से देवकी टॉकीज जाने वाली सड़क पर भी जलनिगम ने पेयजल लाइन डालने के कार्य के बाद सड़क खोद कर डाल दी। पिछले 6 महीने से ज्यादा हो गया यहां धूल उड़ रही। तमाम अफसर और जनप्रतिनिधि यहां से रोजाना निकलते हैं, लेकिन किसी को जनता की तकलीफों का एहसास नहीं है। आस-पास कई बड़े ऑफिस, होटल व हास्पिटल हैं। जहां दिन रात आना-जाना रहता है। उड़ती धूल और गड्ढों की वजह से राहगीर परेशान तो हो ही रहे हैं साथ ही वायु प्रदूषण का ग्राफ भी बढ़ रहा है।
योगेंद्र विहार में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे
दक्षिण क्षेत्र में नौबस्ता के योगेंद्र विहार में सड़क पर 2-2 फीट गहरे गड्ढे हैं। जिसपर आए दिन लोग गिरकर चुटहिल हो रहे। 3 किलोमीटर की सड़क पर कई स्थानों पर सड़क है ही नहीं जहां गंदा पानी भरा रहता है। स्थानीय अशीष मिश्रा ने बताया कि सड़क बनाने के लिए कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है। जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को भी कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जतना को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
