मेरठ के सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण पर गरजा बाबा का बुलडोजर, व्यापारियों में हड़कंप, जानिए क्यों हो रही कार्रवाई

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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बने अवैध कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वाहनों का आवागमन भी रोक दिया गया है। मेरठ में इस 35 साल पुराने कॉम्प्लेक्स में बनीं 22 दुकानें ढहाई जा रही हैं।

कारोबारी बोले- अब कहां जाएंगे हम, कैसे करेंगे

प्रशासन के बुलडोजर एक्शन से पहले कारोबारी अपनी दुकानों के सामने बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि अब उनका क्या होगा, कहां जाएंगे और किस तरह से अपना गुजारा करेंगे। सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर प्रशासन की टीम पहुंची, जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी। सुरक्षा के लिए कई थानों की फोर्स और PAC तैनात किया है। ATS के ड्रोन से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

इससे पहले शुक्रवार को थानाध्यक्ष नौचंदी ईलम सिंह ने पुलिस बल के साथ जाकर व्यापारियों से वार्ता की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। कुछ व्यापारियों ने शाम तक दुकानें खाली करनी शुरू की और सामान अन्यत्र ले जाने की प्रक्रिया शनिवार सुबह तक जारी रही।

जानिए क्या है मामला?

आवा विकास परिषद के दस्तावेजों में सेंट्रल मार्केट नामक कोई बाजार नहीं है। स्कीम नंबर सात के तहत शास्त्रीनगर सेक्टर-6 व 2 में यह बाजार विकसित हुआ। भूखंड संख्या 661/6 पर 288 वर्ग मीटर क्षेत्र में 22 दुकानें बनीं। इस भूखंड का आवंटन वीर सिंह निवासी काजीपुर को 30 अगस्त 1986 को हुआ और 6 अक्टूबर 1986 को फ्री होल्ड डीड जारी हुई। संपत्ति को आवासीय उपयोग के लिए नियोजित किया गया था। इसके बाद विनोद अरोड़ा के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी हुई और 22 दुकानों का कॉम्प्लेक्स बन गया।

आवास एवं विकास परिषद ने 19 सितंबर 1990 को कारण बताओ नोटिस भेजकर अवैध निर्माण रोकने का आदेश दिया। नौ फरवरी 2004 को संपत्ति के वाणिज्यिक प्रयोग पर ध्वस्तीकरण की अधिसूचना जारी की गई। 23 मार्च 2005 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित हुआ, लेकिन किसी कार्रवाई के अभाव में 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। अवैध कॉम्प्लेक्स के संबंध में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। प्रशासन और पुलिस फिलहाल ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के दौरान निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। 

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