कानपुर : वाटर कैनन, लाठीचार्ज व टियर गन से बेहाल हुए उपद्रवी, अचानक फोर्स देख बंद हुईं दुकानें

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Edited By Amrit Vichar
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नई सड़क पर पुलिस की मॉकड्रिल, घुड़सवार देखकर पीछे हुए, माउंटेन पुलिस ने रास्ता रोका

कानपुर, अमृत विचार। हाथों में पत्थर और बैनर लेकर छात्रसंघ गुट रविवार दोपहर नई सड़क पर उतरा तो अफरातफरी मच गई। पुलिस ने रास्ता रोका, बातचीत प्रयास किया तो छात्रों ने पथराव कर दिया। यह देख दुकानें बंद होने लगीं। माहौल तनावपूर्ण हो गया, कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी व सर्किल का फोर्स पहुंचा। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ड किया और पत्थरबाजों पर लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले दागे, वाटर कैनन से बौछार की।

पुलिस अधिकारियों ने स्थिति संभालने के लिए फायरिंग का आदेश दिया। गोली चलने की अफवाह से लोग सहम गए। हालांकि बाद में पता चला कि शांति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह पुलिस का मॉकड्रिल था, किसी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी थी। 

हुआ यह कि नई सड़क जैसे अतिसंवेदनशील इलाके में रविवार दोपहर अचानक भारी पुलिस बल, घुड़सवार, फायर ब्रिगेड, वाटर कैनन वैन देखकर लोग असहज हुए। तभी मूलगंज चौराहा की तरफ से छात्रसंघ का बैनर लिए एक गुट सड़क पर उतरा और पुलिस विरोधी व अपनी मांगों की नारेबाजी शुरू कर दी। 

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वहीं सद्भावना चौकी पर मौजूद संयुक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार, डीसीपी सेंट्रल एसके सिंह, डीसीपी मुख्यालय कासिम आब्दी, एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार, सर्किल के एसीपी और सेंट्रल जोन का पुलिस फोर्स अलर्ट हो गया। पुलिस ने पहले एलआईयू टीम, फिर बातचीत पार्टी भेजी। बात नहीं बनी तो घुड़सवार पुलिस ने भीड़ को दूर किसा।

छात्रसंघ के गुट ने पुलिस पर पथराव कर दिया। यह देख माउंटेन पुलिस आगे आई और सुरक्षा घेरा बनाया। पीछे से फायर पुलिस, आंसू गैस व वाटर कैनन टीम ने मोर्चा संभाला। पुलिस टीम ने टियर गैस गन, लाठी पार्टी को छात्रों पर काबू पाने के लिए भेजा। आखिर में फास्टेड, फायरिंग टीम ने भीड़ पर काबू पाया। एक युवक को गोली लगी। जिससे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिर रिजर्व पुलिस ने उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया। 

अफवाह फैलते जुटी भीड़, लाउडहेलर से हुई मॉकड्रिल की घोषणा 

नई सड़क पर गोली चल गई। छात्र घायल हुए, जैसी अफवाह फैलते ही नई सड़क पर भीड़ जुटने लगी। सड़क पर भीड़ और छत, छज्जे, बालकनी व खिड़कियां भी लोगों से भर गई। कुछ देर के लिए माहौल वाकई तनावपूर्ण जैसा लगा। इस पर पुलिस अधिकारियों ने लाउडहेलर से घोषणा कराई कि यह मॉक ड्रिल है। जिसे अभ्यास कहा जा सकता है। यह आपात स्थितियों से निपटने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद भीड़ ने नजदीक आकर पुलिस अभ्यास देखा और वीडियो भी बनाए। 

सुरक्षा बलों की तैयारी परीक्षण है मॉकड्रिल 

संयुक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार ने लाउडहेलर से बताया कि यह मॉकड्रिल अचानक हुए प्रदर्शन, उपद्रव या दंगे जैसी स्थिति में सुरक्षाबलों की तैयारी परखने का परीक्षण होता है। जिससे अचानक किया जाता है। जवानों का अभ्यास देखने के लिए मकसद से यह किया गया है। अगर ऐसी स्थिति आए तो भीड़ नियंत्रण कैसे नियंत्रित किया जाएगा। इससे पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी गति भी देखी जाती है। यह स्थानीय लोगों के बिना जानकारी के होती है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। मॉकड्रिल में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। 

आंखे हुई लाल, छीटें मारी 

पुलिस ने मॉकड्रिल के दौरान जो आंसू गोले दागे उसका हल्का असर भी हुआ। करीब पांच मिनट बाद लोगों की आंखें लाल हो गई। जलन और खुजली मचने लगी। इस पर लोगों ने तत्काल पानी की छीटे मारी। जिससे राहत मिली। हालांकि दागे गए आंसू गोलों का उतना असर नहीं रहा, जितना हकीकत में होता है।

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