Chhath Mahaparva 2025 : बिहार-दिल्ली समेत देशभर में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मनाया गया छठ महापर्व, देखें खूबसूरत तस्वीरें...

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Edited By Amrit Vichar
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पटना/नई दिल्ली। हिंदू धर्म में छठ महापर्व का विशेष महत्व है, जो भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है। यह त्योहार भक्ति, संयम और पवित्रता का प्रतीक है। वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की षष्ठी तिथि से शुरू होने वाला यह चार दिवसीय पर्व इस साल 25 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 28 अक्टूबर 2025 को समाप्त होगा। दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान सहित देश के अलग अलग राज्यों में श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। सूर्यास्त के साथ ही राजधानी पटना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया, जिससे पूरा वातावरण भजन-कीर्तन से गूंज उठा।

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने छठ पूजा समारोह में हिस्सा लिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में छठ पूजा समारोह में हिस्सा लिया, जहां श्रद्धालुओं ने सोमवार को डूबते सूरज को अर्घ्य दिया। राष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर इस समारोह की तस्वीरें पोस्ट कीं। उसने कहा कि इस मौके पर राष्ट्रपति ने साथी नागरिकों की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय त्योहार है, जो मंगलवार को संपन्न होगा। राष्ट्रपति कार्यालय ने पोस्ट किया, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में छठ पूजा समारोह में हिस्सा लिया, जहां श्रद्धालुओं ने डूबते सूरज को अर्घ्य दिया। राष्ट्रपति ने साथी नागरिकों की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।”  

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 प्रधानमंत्री मोदी ने छठ पूजा के पहले अर्घ्य पर शुभकामनाएं दीं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों को छठ पूजा के पहले अर्घ्य के मौके पर शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने इस अवसर पर अपने एक्स पोस्ट पर कविता पोडवाल द्वारा गाया हुआ छठी मैया को समर्पित भक्ति गीत भी साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा, "देश भर के अपने परिवारजनों को महापर्व छठ के संध्या अर्घ्य की अनंत शुभकामनाएं। इस पावन अवसर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की हमारी परंपरा बहुत विशिष्ट है। सूर्यदेव की कृपा से सबका कल्याण हो, सबको जीवन में सुख-संपदा और सफलता की प्राप्ति हो, यही कामना है। जय छठी मइया!" 

बिहार : डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मनाया गया छठ महापर्व 

पटना : छठ महापर्व के अवसर पर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा तट पर एकत्र हुए और डूबते सूर्य को शाम का अर्घ्य अर्पित किया। सूर्यास्त के साथ ही राजधानी पटना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया, जिससे पूरा वातावरण भजन-कीर्तन से गूंज उठा। पटना के काली घाट, कदम घाट, पटना कॉलेज घाट और कृष्णा घाट पर जल में तैरती दीपमालाओं की चमक और पूजा-अर्चना की गूंज ने मनमोहक दृश्य उत्पन्न किया। सूर्य भगवान की स्तुति में भजन भी गाए गए। 

जिले के प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पटना के घाटों पर कपड़े बदलने की व्यवस्था समेत सुरक्षा के विभिन्न उपाय किए गए थे। पटना के महेंद्रू इलाके के निवासी विक्रम सिंह ने कहा, “मैं पिछले 12 सालों से पटना कॉलेज घाट आ रहा हूं, लेकिन ऐसी व्यवस्था कभी नहीं देखी। हर वर्ष जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करता है।” कृष्णा घाट और कदम घाट पर भी शाम को भारी भीड़ देखने को मिली।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग पर परिवार के सदस्यों के साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर छठ उत्सव में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले के तारापुर स्थित अपने पैतृक आवास में पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल छठ महापर्व पूजा उत्सव में हुए शामिल

अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सोमवार को अहमदाबाद में छठ महापर्व पूजा उत्सव में शामिल हुए।  पटेल ने सभी लोगों को दीपोत्सव की शुभकामनायें और छठ पूजा के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भव्य-दिव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद दिवाली का आनंद और रौनक कई गुना बढ़ गयी है।

उन्होंने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का मंत्र दिया है, जो हमारे त्योहारों को भी साकार करता है। राज्य में दीपावली के त्योहार पूरे होने के बाद लोग लाभ पंचमी से अपना कामकाज शुरू करते हैं, जबकि बिहार, झारखंड और पूर्वांचल में सूर्य उपासना के छठ महापर्व की शुरुआत होती है।

उन्होंने कहा कि बिहार में छठ महापर्व के साथ-साथ लोकतंत्र के महापर्व के उत्सव का उत्साह है। छठ पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल करने के लिए श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में लोग उदयाचल सूर्य की पूजा करते हैं, लेकिन छठ पूजा एकमात्र ऐसा महापर्व है, जिसमें अस्ताचलगामी सूर्य की पूजा की जाती है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुजरात और बिहार का नाता आदिकाल से विशेष रहा है। बिहार बुद्ध की भूमि है, तो गुजरात में बौद्ध विरासत का संरक्षण हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का जन्म स्थल वडनगर भी कभी बौद्ध शिक्षा का एक बड़ा केंद्र था। उनके मार्गदर्शन में वडनगर में बौद्ध म्यूजियम का विकास किया जा रहा है।

धमतरी में श्रद्धा व आस्था के साथ मनाया गया छठ पर्व 

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में महानदी के पावन रुद्री घाट पर छठ महापर्व आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सोमवार की शाम बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं घाट पर पहुंचीं और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान घाट पर पारंपरिक भजन और छठ गीतों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। छठ पर्व सूर्य देव की उपासना का पर्व है जो चार दिनों तक चलता है।

रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों संग मनाया छठ महापर्व

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार की शाम कई स्थलों पर छठ महापर्व के कार्यक्रमों में शामिल हुई और दिल्लीवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। श्रीमती गुप्ता ने मंगोलपुरी के छठ पार्क से अपने कार्यक्रम की शुरुआत की, जहां उन्होंने छठव्रतियों के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उनके साथ क्षेत्रीय सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक राजकुमार चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा एवं गणमान्य जन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री इसके अलावा यमुनापार स्थित सोनिया विहार पुश्ता पहुंची जहां वह नाव में बैठकर पुश्ता से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, राम घाट और श्याम घाट तक आयोजित छठ पर्व में सहभागिता की। सोनिया विहार के घाट पर दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों के बीच सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर नमन किया और छठ व्रतियों के साथ पूजा में सम्मिलित हुईं। अंत में मुख्यमंत्री कश्मीरी गेट स्थित यमुना नदी के वासुदेव घाट पहुंची, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं और उनके परिवारों के साथ छठ पर्व मनाया।

इस अवसर पर वासुदेव घाट पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिनमें पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की गईं। उन्होंने कहा कि छठ पर्व का नाम सुनते ही मन में आस्था, स्वच्छता, संस्कृति, लोकगीतों और भक्ति की छवियां उभर आती हैं। यह पर्व न केवल आत्मशुद्धि और अनुशासन का प्रतीक है, बल्कि मनुष्य और प्रकृति के बीच दिव्य संतुलन और कृतज्ञता का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से इस वर्ष विशेष तैयारी की गई। पल्ला से लेकर कालिंदी कुंज तक यमुना नदी के किनारे कुल 17 प्वाइंट पर मॉडल छठ घाटों का निर्माण किया गया है। इन घाटों पर टेंट, लाइट, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और मेडिकल सहायता जैसी सभी व्यवस्थाएं दिल्ली सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस पवित्र पर्व को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमामय अनुभव बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

कोलकाता में छठ पूजा में हजारों लोग शामिल हुए

कोलकाता: छठ पर्व के ‘संध्या अर्घ्य’ के दिन सोमवार शाम को समूचे कोलकाता में नदियों और अन्य जलाशयों के किनारे घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर फिर से श्रद्धालु एकत्रित होंगे और इसके साथ ही भक्ति, कृतज्ञता और पवित्रता के प्रतीक इस चार दिवसीय पर्व का समापन हो जाएगा।

महाराष्ट्र: फडणवीस ने जुहू बीच पर जाकर लोगों को छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को जुहू बीच जाकर छठ पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा इस त्योहार के लिए सहायता प्रदान की है। फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि भगवान सूर्य नारायण और छठी मैया का हमारे धर्म में विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि मुंबई में पिछले कई वर्ष से छठ पूजा मनाई जा रही है और 2014 से उनकी सरकार नगर निगम के माध्यम से इसके लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। 

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