मेला ककोड़ा : ककोड़ा मंदिर से मेला में पहुंची झंडी, पांच नवंबर को होगा मुख्य स्नान

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। रूहेलखंड के मिनी कुंभ कहे जाने वाले सुप्रसिद्ध मेला ककोड़ा में मां ककोड़ा देवी मंदिर से झंडी मेला स्थल पर पहुंची। जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव, जनप्रतिनियों, डीएम अवनीश राय, एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने विधि विधान से पूजा की। मेले का आरंभ चार नवंबर दोपहर 3 बजे से होगा। मुख्य स्नान 5 नवंबर को होगा। मेला 12 नवंबर तक चलेगा। डीएम ने अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक करके निर्देशित किया।

जिला पंचायत द्वारा आयोजित मेला ककोड़ा जिले का एक प्रसिद्ध मेला है। जिसमें हजारों श्रद्धालु आकर धर्म लाभ प्राप्त करते रहे हैं। बुधवार को मेला ककोड़ा क्षेत्र में मां ककोड़ा देवी मंदिर से झंडी लाकर उसकी स्थापना व पूजा अर्चना का कार्य मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधि विधान से पूरी श्रद्धा के साथ किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने लोगों से मेला में ज्यादा से ज्यादा संख्या में मेला स्थल पर आकर धर्म लाभ लेने का आह्वान किया। कहा कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं।

डीएम ने बताया कि मेला स्थल पर कोतवाली आदि की स्थापना भी की गई है। मेला स्थल पर किसी प्रकार की गैरवैधानिक चीजों व गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कहा कि हर आधे घंटे पर बस की सुविधा मेला स्थल पर रहेगी। मेला के सफल आयोजन के लिए कच्चे मार्गों का निर्माण भी कराया गया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो इस प्रकार की व्यवस्थाएं मेला स्थल पर कराई गई हैं। बताया कि मुख्य स्नान की तिथियां पर सेक्टर व जोन की व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू रहेगी।

विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने किसी न किसी अधिकारी व कर्मचारियों को हर दशा में मेला स्थल पर तैनात रखें जिससे कोई भी समस्या उत्पन्न होने पर उसकी तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मेला स्थल पर सफाई समुचित व्यवस्था रहेगी। मेला स्थल पर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न हो। अधिकारियों से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि गंगा की पवित्र धारा में प्लास्टिक के लिए कोई स्थान नहीं है। गंगा में किसी प्रकार की गंदगी व प्लास्टिक आदि को प्रवाहित न किया जाए। मेला क्षेत्र व गंगा को पवित्र व साफ रखना सभी की जिम्मेदारी है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि मां ककोड़ा देवी मंदिर से झंडी लाकर उसका पूजन कर स्थापना कर दी गई है। चार को मेला का उद्घाटन होगा। कार्तिक पूर्णिमा को मुख्य स्नान होगा। पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक धर्मेन्द्र शाक्य आदि मौजूद रहे।

मेला स्थल पर लगने लगे आशियाने
मेला में हजारों की संख्या में दूर दराज के श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई बीघा में तंबुओं का शहर बसता है। मेला स्थल पर आशियाने बसने लगे हैं। लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया है। वहीं मेला में झूले लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। तंबुओं को चारों ओर से बंद किया जा रहा है। लाइटिंग भी लगाई जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक चाय की दुकानें लगाई जा चुकी हैं।

 

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