कानपुर : सिपाही ने सरेराह किया अश्लील कमेंट, युवती ने पीटा, कॉलर पकड़कर घसीटा
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, रिपोर्ट दर्ज, सिपाही हुआ निलंबित
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर के गोल चौराहा पर बुधवार दोपहर युवती व उसकी मां ने अचानक एक पुलिसकर्मी को पीटना शुरू किया तो देखकर राहगीर हैरान रह गए। लोग रुककर देखने लगे। माजरा समझने का प्रयास किया और मोबाइल पर पिटाई का वीडियो बनाने लगे।
पता चला कि पुलिसकर्मी ने युवती से छेड़खानी की है। वीडियो भी वायरल हो गया। खबर पाकर काकादेव पुलिस आरोपी सिपाही को थाने ले गई। पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। पीड़िता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू है।
काकादेव क्षेत्र स्थित गोल चौराहा पर पुलिसकर्मी की पिटाई के साथ मां-बेटी ने जमकर हंगामा भी किया। हुआ यह कि हैलट नहरिया के पास रहने वाले पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी शादीशुदा बेटी कल्याणपुर में एक डॉक्टर के घर में खाना बनाती है। बुधवार दोपहर वह डॉक्टर के यहां से घर लौट रही थी। उसे स्टांप की जरूरत थी, इसलिए गोल चौराहा पर वाहन से उतर गई।
आरोप है कि इसी बीच गोल चौराहा के पास पीआरवी 4731 में तैनात सिपाही बृजेश सिंह ने बेटी से अश्लील कमेंट किया। इसके साथ ही सिपाही ने राह चलते बेटी का हाथ पकड़कर उसे रोक लिया। गंदी नजर से देखते हुए सिपाही ने बेटी से उसका मोबाइल नंबर मांगा।
इस पर बेटी सिपाही से अपना हाथ छुड़ाकर घर पहुंची और आपबीती बताई। जानकारी होने पर परिजन मौके पर पहुंचे। सिपाही ने बेटी को परिजनों के साथ देखा तो वह भागने का प्रयास करने लगा। इसपर पीड़िता ने सिपाही को दौड़ाकर पकड़ा और पीटना शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मी की बीच चौराहा पिटाई होती देखकर राहगीर भी रुककर देखने लगे। लोगों ने मोबाइल पर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच वीडिया भी वायरल हो गया। जब लोगों को पता चला कि युवती से सिपाही ने छेड़खानी की है तो नाराजगी भी जताई।
युवती सिपाही का कॉलर पकड़कर उसे खींचकर थाने ले जाने लगी। परिजनों ने हंगामा भी किया। सूचना पर पहुंची काकादेव पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया और आरोपी सिपाही को थाने ले गए। वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया।
एसीपी स्वरूपनगर सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। फिलहाल सिपाही को निलंबित कर विभागीय जांच की जा रही है। आरोप साबित होने पर सिपाही के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।
