तिगरी गंगा मेला: उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब...स्नान के लिए केवल सात घाट

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Published By Monis Khan
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अमरोहा/ गजरौला, अमृत विचार। तिगरी गंगा मेले में अब तक 5 लाख से ऊपर श्रद्धालु पहुंच चुके हैं लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक स्नान के लिए सही तरीके से घाटों का इंतजाम नहीं किया है। सात घाटों को छोड़कर स्नान करने के लिए कोई सही घाट नहीं है। जिसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।गंगा घाटों के किनारे महिलाओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम बनवाए गए हैं। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होने के कारण चेंजिंग रूम कम पड़ रहे हैं। तिगरी गंगा मेले का एक नवंबर को शुभारंभ होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ेगा।

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हर वर्ष लगने वाले तिगरी गंगा मेले में इस बार अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं। हर वर्ष गंगा मेले पर समय से श्रद्धालुओं के स्नान के लिए घाट बना दिए जाते थे परंतु इस बार देरी से शुरू की गई तैयारीयों के चलते घाट नहीं बन सके। अनुमान है कि इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा में 30 से 35 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगे। मेले को भव्य, दिव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन पिछले करीब एक महीने से काम कर रहा है। श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कत का सामना न हो इसके लिए 21 घाट बनाने का निर्णय लिया गया जिनको बनाने की जिम्मेदारी बाढ़ खंड विभाग को सौंपी गई। विभाग ने स्नान घाट बनाए जाने के लिए स्थान का चयन कर काम शुरू कर दिया लेकिन गंगा द्वारा लगातार कटान किया जा रहा है और कई जगह पानी की गहराई भी अधिक है। इसके चलते सेक्टर दस से 21 के बीच स्नान घाट पर डुबकी लगाना खतरे से खाली हीं है। किनारे पर ही जल की 15 से 20 फीट गहराई है। कटान के कारण ही किनारे से श्रद्धालुओं को हटाया जा रहा है। गंगा द्वारा किए जा रहे कटान और जल अधिक होने के कारण यह निर्णय लिया गया है कि अब सात स्नान घाट ही रहेंगे। एक-एक स्नान घाट पर तीन-तीन सेक्टर के श्रद्धालु स्नान करेंगे। मंडलायुक्त, जिले के प्रभारी मंत्री व स्थानीय जनप्रतिनिधि गंगा में दुग्धाभिषेक कर एक नवंबर को मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मेला छह नवंबर तक चलेगा। सीडीओ अश्विनी कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है।

एकादशी पर लाखों श्रद्धालु करेंगे स्नान
देवोत्थान एकादशी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। सूरज की किरण निकलने से पहले ही हर-हर गंगे के उद्घोष संग श्रद्धालुओं के गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो जाएगा। स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। गंगा किनारे धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा में स्नान कर पुण्य कमाने के लिए कई दिन से तंबुओं में रहने वाले श्रद्धालु देवोत्थान एकादशी व पूर्णिमा का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

रोशनी से नहाया मेला स्थल, रात में भी दिन सा नजारा
तिगरी मेला स्थल दूधिया रोशनी से नहाया हुआ है। मेला स्थल में रात में भी दिन सा नजारा दिखाई दे रहा है। मेले में लगे झूले, खेल-खिलौनों की दुकानें बच्चों के साथ बड़ों के भी आकर्षण का केंद्र बनी हैं। इसके साथ ही चाट-पकोड़ी, व चाइनीज खाने की डिश भी खूब लुभा रही है। महिलाएं भी मेले में जमकर खरीदारी कर रही हैं। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी जमकर आनंद लिया।


युवाओं ने दिन में कई बार गंगा में किया स्नान
युवाओं ने गंगा में दिन में कई बार गंगास्नान किया। दिन में मौसम में अभी गर्मी है। ऐसे में युवा तिगरी गंगा मेले में स्नान का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं। सुबह के अलावा युवा दिन में कई बार गंगा में स्नान करते दिखाई देते हैं। वहीं घाटों के किनारे रेत इकट्ठा करके उस पर लेट लगा रहे हैं। बहुत से युवा तो गंगा किनरे कबड्डी खेलने के साथ ही मस्ती कर रहे हैं।

तिगरी गंगा मेले में पहुंचने लगे स्काउट गाइड
तिगरी गंगा मेले में 45 स्कूल-कॉलेजों के 450 स्काउट गाइड बिछड़े बच्चों और वृद्धों को परिजनों से मिलाएंगे। वह मेले में प्रमुख चौराहों पर रह कर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। सदर चौक के पास उनका शिविर है। कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे हर वर्ष की तरह इस बार भी तिगरी गंगा मेले में स्काउट एवं गाइड का शिविर लगाया गया है। जिसमें जिलेभर के 45 स्कूल व कॉलेजों के 450 स्काउट एवं गाइड छात्र मेले में पहुंचने लगे हैं। वह मेले में अपनों से बिछड़ों को मिलाने का काम करते हैं। मेले परिसर में जो भी बच्चा या बुजुर्ग खो जाता है, उसे खोया-पाया केंद्र पर लाकर एलान कराते हैं।

गंगा में डुबी मां-बेटी को गोताखोरों ने बचाया
तिगरी गंगा मेले में गंगा में स्नान करते समय मां-बेटी डूब गईं जिससे श्रद्धालुओं के बीच हड़कंप मच गया। गोताखोरों ने मां-बेटी को बचा लिया। बुधवार की दोपहर तिगरी गंगा मेले में मुख्य गंगा घाट पर स्नान करने के लिए गई मां-बेटी गहरे पानी पहुंच गई। जिसके बाद मां-बेटी गंगा में डुबने लगी। इस बीच वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने शोर मचा दिया। शोर-शराबा होने पर मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने गंगा में कूदकर समय के रहते मां-बेटी को बचा लिया।

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