पीलीभीत:  ट्रांसपोर्टर के प्रतिष्ठान पर एसआईबी का छापा, दो करोड़ से अधिक टैक्स चोरी की आशंका..मचा हड़कंप

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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पीलीभीत, अमृत विचार। गिट्टी-मोरंग का कारोबार कर मोटी कमाई करने वाले एक ट्रांसपोर्टर ने राजस्व को चूना लगाने के लिए करोड़ों की हेराफेरी कर डाली। बताते हैं कि रेहान ट्रांसपोर्टर नामक फर्म ने 42.50 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई, लेकिन टैक्स जमा करने में सवा दो करोड़ रुपये की चोरी की आशंका है। गुरुवार को एसआईबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) की टीम ने जीएसटी डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में छापा मारकर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि ट्रांसपोर्टर ने केवल पांच फीसदी टैक्स जमा कर अनुचित तरीके से आरटीसी का लाभ भी उठाया है। इधर, छापेमार कार्रवाई से अन्य कारोबारियों में खलबली मच गई। कई अन्य कारोबारियों ने अपने कर्मचारियों को मौके पर स्थित भांपने के लिए भेज दिया।

 बता दें कि गुरुवार को नगर पंचायत नौगवां पकड़िया क्षेत्र में रेहान ट्रांसपोर्ट के यहां बरेली से आई एसआईबी टीम ने छापा मारा। टीम को देखकर संचालक और कर्मचारियों में खलबली मच गई। टीम ने डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के साथ पांच से अफसर ने कार्रवाई शुरु की। टीम ने सूचना के आधार पर उनके क्रय विक्रय के बिल और भाड़े पर संचालित किए जा रहे ट्रक की बिलिंग को चेक किया। जहां अभिलेख और टैक्स का मिलान किया गया। टीम को जानकारी में आया कि रेहान खान ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में सवा सात करोड़ की बिक्री की थी। जिसमें 1.79 करोड़ भाड़ा बना था। जिस पर करीब 20 लाख रुपये टैक्स अदा करना था, मगर संचालक ने टैक्स चोरी करते हुए सिर्फ 400 रुपये ही टैक्स जमा किया। शासन ने व्यापारियों के ट्रांसपोर्ट में दो टैक्स लागू किए हुए हैं। जिसमें पांच से 12 फीसदी निर्धारित है। पांच फीसदी टैक्स में आईटीसी का लाभ नहीं मिलता है, जबकि 12 फीसदी में आईटीसी का लाभ दिया जाता है। मगर ट्रांसपोर्ट संचालक ने पांच फीसदी टैक्स जमा कर आईटीसी का अनुचित ढंग से लाभ भी ले लिया। डिप्टी कमिश्नर की जानकारी के अनुसार चार साल में ट्रांसपोर्ट मलिक ने माल ढुलाई और बिक्री से करीब 42.50 करोड़ की कमाई की है। जिस पर करीब 2.25 करोड़ का टैक्स बना है, लेकिन उनके द्वारा सिर्फ आठ लाख रुपये टैक्स ही अदा किया गया है। इस हिसाब से 2.17 करोड़ की टैक्स चोरी अभी तक की जांच में सामने निकालकर आई है।  प्रथम दृष्यता जांच और सूचना में यह तथ्य सामने आए हैं। फिलहाल टीम देर रात तक जांच में जुटी रही।

सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट के यहां टैक्स में गड़बड़ी की जा रही है। ऑडिट में कई तथ्य सामने आए थे। इस पर टीम के साथ प्रतिष्ठान पर छापामार कार्रवाई की गई थी। प्रथम दृष्यता जांच में चार साल में 42.50 करोड़ की बिक्री की थी। जिस पर उनका करीब सवा दो करोड़ का टैक्स बना था, जोकि उनके द्वारा जमा नहीं किया गया है। अभी जांच चल रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अनिरुद्ध सिंह, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी/एसआईबी।

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