बरेली : मां पहली डॉक्टर, तकलीफ महसूस होने पर फौरन बताएं
डॉ. अंकिता पांडेय और अमृत विचार के सीओओ संग छात्राओं ने मंच किया साझा
बरेली, अमृत विचार। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के समापन के दौरान अमृत विचार के सीओओ पार्थो कुनार ने छात्राओं को मंच पर आमंत्रित कर कार्यक्रम की उपयोगिता जानने संबंधी सवाल किए। इस पर कई छात्राओं में बोलने को लेकर झिझक नजर आई। इस पर सीओओ ने कहा कि बस यही झिझक दूर करना ही इस अभियान का लक्ष्य है।
उन्होंने सभागार में मौजूद तीन छात्राओं को बारी-बारी से मंच पर बुलाया। छात्रा सिमरन जीत कौर ने मंच पर आकर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आखिर हम क्यों खुद के स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं है। सभी को ये संकल्प लेना चाहिए कि जिस प्रकार डॉक्टर ने हमें बचाव के उपाय बताए हैं इसको प्रमुखता से जीवन में लागू करने का समय है। छात्रा जैबा आलम ने कहा कि हमें इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन का हिस्सा बनने पर आभारी होना चाहिए कि हमारी सुरक्षा को लेकर ही बात हो रही है। वहीं छात्रा मनदीप कौर ने कहा कि हर बेटी की पहली डॉक्टर मां होती है, कोई भी तकलीफ होने पर हम सबसे पहले मां को बतातें हैं तो फिर स्तन कैंसर के लक्षणों पर मां से क्यों नहीं बात करते हैं।

इस डर को भी मिटाओ कि क्या कहेंगे लोग
अमृत विचार के सीओओ पार्थो कुनार ने छात्राओं को बताया कि अक्सर आप सभी ने सुना होगा कि कोई भी काम करो तो सगे संबंधी एक जुमला बोलते हैं या आपके जेहन में भी आता होगा कि अगर हमने किसी को ये बात बताई तो लोग क्या कहेंगे। बस जरूरत है इस डर को निकालने की। अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए शर्मिंदगी क्यों महसूस करना।

डर पर हुआ प्रहार, तो मंच पर चहक उठीं बेटियां
कार्यक्रम संयोजिका ने जैसे ही कार्यक्रम के समापन की घोषणा कि तो कई छात्राओं ने मंच पर आकर डॉ. अंकिता पांडेय से वार्ता करना आरंभ कर दिया। सभी ने कहा कि अभी तक स्तन कैंसर को लेकर कभी कहीं भी कुछ नहीं सुना। इस दौरान छात्राओं ने मंच पर ही डॉक्टर अंकिता से कैंसर संबंधी अन्य जरूरी जानकारी भी लीं।

शिक्षिकाओं ने अभियान को सराहा
अग्रसेन महाविद्यालय के सभागार में कार्यक्रम के दौरान 150 से अधिक छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन गौर करने वाली बात ये सामने आई कि बड़ी संख्या में महाविद्यालय की महिला शिक्षिकाओं ने भी कार्यक्रम का हिस्सा बन कार्यक्रम को ध्यान पूर्वक सुना और सराहना भी की।
