UP: दुधवा पार्क खुलते ही उमड़े सैलानी, रंग-बिरंगी गाड़ियों से पहुंचे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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पलिया कलां, अमृत विचार। सर्दी की आहट के साथ ही इस बार शनिवार से विश्व विख्यात दुधवा नेशनल पार्क खुल गया है। दुधवा नेशनल पार्क स्वच्छंद विचरण करते दुर्लभ वन्य जीवों के साथ अपनी अनूठी जैव विवधता और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए सैलानियों को आकर्षित करता है। यही वजह है कि दुधवा खुलने से पहले ही सैलानी यहां पहुंच गए और शनिवार को उद्घाटन के समय काफी तादात में रंग बिरंगी गाड़ियों से लोग जंगल की सैर करने और दुर्लभ जंतुओं का दीदार करने पहुंचे।

दुधवा के नवीन पर्यटन सत्र की शुरुआत वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनिल कुमार, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और वन विभाग व दुधवा के अधिकारियों के साथ प्रातः करीब 9:30 बजे वैदिक मंत्रों के बीच की। हवन पूजन नगर के पंडित महेश कुमार ज्योतिषी ने विधिवत कराया। उनके पुत्र ने वन मंत्री सहित सभी अधिकारियों के रोचना- तिलक लगा कलावा बांधा। पश्चात नारियल फोड़, फीता काटा गया और सभी के स्वागत के लिए खड़ी पार्क की पालतू हथिनी गंगाकली को वन मंत्री सहित डीएम व वन अधिकारियों ने फल खिलाकर दुलार किया। इसके बाद वन मंत्री सहित अन्य अधिकारियों ने सैलानियों की प्रथम जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर जंगल की सैर करने को रवाना किया। इस मौके पर प्रथम बार दुधवा घूमने आये पर्यटकों व स्कूली बच्चों में काफी उल्लास देखा गया।

पहली नवंबर से दुधवा खुलने का सभी को लाभ: मंत्री
पत्रकारों से वार्ता करते हुए वन मंत्री ने कहा कि यह पहला मौका है जब कई वर्षों बाद दुधवा एक नवंबर को खोला गया है। यह क्षेत्रवासियों के लिए दीवाली का बड़ा तोहफा है। इससे यहां बाहर से अधिक टूरिस्ट आएंगे और यहां के निवासियों को अधिक फायदा होगा। कहा कि दुधवा का जंगल बहुत अच्छा है। यहां बाघों के अतिरिक्त एक सींग वाले गैंडे, बारहसिंघा आदि अनेक वन्य जंतु व विविध पक्षी पाए जाते हैं। यहां के कीमती पेंड़ों व दुर्लभ जड़ी- बूटियों वाले जंगल अन्यत्र कम हैं। मध्यवर्गीय पर्यटकों के लिए इस बार यहां मामूली शुल्क वृद्धि कर और अच्छी व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षित गाइड उन्हें यहां के जंगलों व वन्य जीव- जंतुओं के बारे में विस्तार से बता सकेंगे, ऐसी व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को ध्यान में रखते हुए यहां प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। टॉयलेट की सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। कर्तनिया घाट के निशान गाढ़ा में एक नया रूट पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है। जिससे सैलानियों को सुविधा हो सके। दुधवा जंगल से बाहर घूम रहे हिंसक बाघ तेंदुओं की लगातार बढ़ रही घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को भी यह ध्यान रखना होगा कि वे अकेले सुबह -शाम जंगल व खेतों की ओर न जाएं।

पहले दिन सभी थारू हट रहे फुल
दुधवा में पहले दिन सभी थारू हट फुल रहे। लखीमपुर के अतिरिक्त पड़ोसी जनपद सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई व लखनऊ आदि से आने वाले सैलानियों ने दुधवा जंगल घूमकर यहां स्वच्छंद विचरण कर रहे विभिन्न वन्य जीव जंतुओं व पक्षियों का दीदार कर पूरा आनंद उठाया और यहां के वनों व वन्यजीवों की भरपूर प्रशंसा की।

बच्चों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही गंगाकली
अपने अभिभावकों के साथ दुधवा घूमने आए बच्चों व स्कूली छात्रों के लिए सभी के स्वागतार्थ लाई गई जो दुधवा की पालतू हथिनी गंगाकली काफी आकर्षक का केंद्र रही और बच्चे टकटकी निगाह से देर तक उसे देखते रहे।

जंगल की सैर करने को उतावले रहे लोग
दुधवा की सैर कर यहां के वन एवं वन्यजीवों को देखने के लिए लोगों में होड़ मची देखी गई । बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी व स्कूली बच्चे यहां सजी-धजी खड़ी जिप्सियों में सुबह से ही बैठ गए और मौका मिलते ही उन्होंने जंगल घूम कर यहां के दुर्लभ पशु -पक्षी देखे।

उद्घाटन के बाद पहुंचे क्षेत्रीय विधायक
लखनऊ से आने के कारण क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी हवन पूजन और उद्घाटन में शामिल नहीं हो पाए। वह देर से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने वन मंत्री का स्वागत किया। पश्चात सैलानियों से भी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव उत्तर प्रदेश अनुराधा वैमुरी, मुख्य वन संरक्षक व फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन, उपनिदेशक जगदीश आर. ,प्रभागीय वनाधिकारी उत्तर खीरी वनप्रभाग कीर्ति चौधरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी दुधवा महावीर सिंह, उपप्रभागीय वनाधिकारी बेलरायां दीपक पांडेय व विभिन्न रेंजों के रेंजर, उपनिदेशक कार्यालय वरिष्ठ सहायक रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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