कानपुर: यातायात माह शुरू, पुलिस कमिश्नर बोले- बेवजह न बजाए हूटर-हार्न, आम नागरिक की तरह बने पुलिसकर्मी

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Edited By Amrit Vichar
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ई रिक्शों को रोजगार से जोड़ें लेकिन 8 हजार के बजाए 80 हजार संख्या नहीं होना चाहिए

कानपुर, अमृत विचार। बहुत जरुरी है, किसी  रेस्क्यू में जा रहे हैं, किसी घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने जा रहे हैं या फिर कहीं बवाल की सूचना है तो पुलिस हूटर हार्न बजाए, बेवजह हूटर या हार्न बजाने वालों पर कार्रवाई होगी। पुलिस आम आदमी की तरह रहे। ये बात पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कही।

सोमवार को ट्रैफिक लाइन में यातायात माह शुरु हो गया जिसका शुभारंभ पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने दीप प्रज्जवलित कर एवं जागरुकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करके किया। इस अवसर पर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर मुख्यालय विनोद कुमार, डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार, डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार, एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह आदि ने यातायात माह का शुभारंभ किया।

इस मौके पर पुलिस कमिश्रर ने अपने संबोधन में कहा कि यदि शहर मे कोई हत्या हो जाती है तो मीडिया, पुलिस सब सक्रिय हो जाते हैं लेकिन जब कोई परिवार मार्ग दुर्घटना में मौत के मुंह में चला जाता है तो सिर्फ एक खबर बनती है। उन्होंने कहा कि किसी घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने वाले का पुलिस उत्पीड़न नहीं करेगी बल्कि घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने वाले को पुरस्कार के तौर पर 25 हजार रुपये दिये जाएंगे।

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उन्होंने कहा कि सड़क की बनावट अक्सर हादसे का कारण बनती है, जहां हादसे होते हैं, वहां से कितनी दूर पर एंबुलेंस खड़ी है, कोई जानकारी नहीं होती है, सड़कें छोटी हैं, जगह जगह अतिक्रमण है जिससे बाजारों एवं मुख्य मार्गों पर चलना दूभर है। कई हाईवे पर कट हादसे का कारण बन रहे हैं।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सिर्फ ट्रैफिक पुलिस लगाने से कुछ नहीं होगा। स्कूलों, कालेजों में यातायात के नियमों की जानकारी दें, जनता को ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रासिंग समेत यातायात के नियम बताएं, वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। 

ई रिक्शों का रुट फिक्स हो, 4 की जगह 10 सवारी नहीं बिठाएं 

पुलिस कमिश्रर ने कहा कि ई रिक्शों को रोजगार से जोड़ना अच्छी बात है लेकिन 8 हजार के बजाए 80 हजार की संख्या हो जाएगी तो दिक्कत होना ही है। उन्होंने कहा कि ई रिक्शों का रुट फिक्स होना चाहिए। उनके कलर, क्यूआर कोड होना चाहिए।

पुलिस कमिश्रर ने कहा कि 4 की जगह 10-10 सवारी बिठा लेते हैं और जब कोई हादसा होता है तो 10-10 लोग शिकार हो जाते हैं, ऐसे में जिस वाहन का जितना मानक है, उतना ही सवारी होना चाहिए। वाहनों की फिटनेस जरुरी है, किसी की जिंदगी से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं है।

डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार ने कहा कि जनवरी 2025 में कानपुर हादसों में नंबर वन था लेकिन सितंबर 2025 में तीसरे नंबर पर आ गया। हादसों में कमी आई है। जनता के सहयोग के यातायात में सुधार लाएंगे। ट्रैफिक संभालने के लिए अतिरिक्त टीम भी लगाई जाएगी।

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