कानपुर : ट्रेनों को गति देने के लिए बदले जा रहे 40 साल पुराने OHE, ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर किए जा रहे प्रतिस्थापित
कानपुर, अमृत विचार। ट्रेनों को हाईस्पीड से चलाने के लिए रेलवे ट्रैक से 40 साल पुराने ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) को बदलने का काम शुरु हो गया है। नयी तकनीक में वायर का ज्वाइंट ही नहीं है। पहले ज्वाइंट की लंबाई 1500 मीटर होती थी। अभी वायर के ढीला होने या अन्य किसी कारण से वायर के ज्वाइंट में अक्सर ट्रेन का पेट्रो फंस जाता है और ओएचई टूट जाती है जिससे ट्रेनों का आवागमन बाधित हो जाता है।
झांसी के मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार का कहना है कि जरूरत के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। बगैर जॉइंट वाले कॉन्टैक्ट वायर के प्रतिस्थापन उपरांत ओएचई फेल्योर से होने वाले ब्रेक डाउन में कमी आई है। उनकी संख्या अब नगण्य के बराबर है। मंडल की समयपालनता में भी निरंतर बढ़ोत्तरी हुईं है।
इस कार्य में तेजी लाने के लिए दो टावर वैगन अतिरिक्त लगाए गए हैं, जिससे यह कार्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उत्तर मध्य जोन झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ट्रेनों को रफ्तार देने के लिए पुराने वायर बदले जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा एनआईसीसीओ मेक ज्वाइंट कॉन्टैक्ट वायर के स्थान पर अब ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर लगाए जा रहे हैं। पहले पुरानी टेक्नोलॉजी के कारण 1500 मीटर ओएचई वायर (एक ड्रम) की लंबाई में कई जगहों पर ब्रेजिंग ज्वाइंट लगाए जाते थे। इस वजह से कई बार वायर टूट जाते थे। अभी तक 80 किलोमीटर ट्रैक पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर प्रतिस्थापित किए जा चुके हैं।
