सियासी शोले: अब कैसे शांत होंगे वारसी और भोले, राजनीतिक अदावत खुलकर आई सामने, लखनऊ से दिल्ली तक पहुंचा मामला
शैलेश अवस्थी/कानपुरl कानपुर देहात में दिशा की बैठक के दौरान सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी के बीच तगड़ी जुबानी भिड़ंत और हाथापाई की नौबत के बाद भाजपा नेतृत्व हतप्रभ है l अब शीघ्र ही इस मुद्दे का समाधान शीर्ष बैठक संभव है l दोनों नेता अपनी बात खुद अपने समर्थकों के जरिये पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा रहे हैं l
भाजपा संगठन के बड़े नेता मानते हैं कि अब मामला हद पार कर गया और इससे पार्टी की छवि पर भी गर्द पहुंच रही है l कार्यकर्त्ता बेचैन और विपक्षी घेर रहे हैं l दो बड़े नेताओं की गुटबाजी और तनातनी का असर तत्काल पंचायत पर भी पड़ सकता है, लेकिन इसका हल निकलना आसान भी नहीं है l इन दिनों बह रही दलों में जातीय हवा के बीच दोनों नेताओं को संतुष्ट रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं है l
यूं तो भोले और वारसी के बीच जंग वारसी के पत्नी प्रतिभा सहित भाजपा जॉइन करते ही शुरू हो गई थी, लेकिन बीते 24 जुलाई को अकबरपुर थाने में खुलकर सामने आ गई l वारसी, प्रतिभा ने भोले और उनके समर्थकों पर जमकर जुबानी तीर चलाये l आरोप लगाया कि उनके समर्थकों पर भोले के लोग फर्जी केस दर्ज करा रहे l थानेदार को हटाने की मांग को लेकर वारसी दंपत्ति धरने पर बैठ गए और बड़ी मुश्किल से शांत हुए l
इस दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को भी आड़े हांथों लिया था l इसके बाद भोले की तरफ से मोर्चा संभालते हुए पूर्व ज़िलाध्यक्ष मनोज शुक्ल और दो नेताओं ने वारसी पर आरोपों की झड़ी लगा दी l पक्षपात और गड़बड़ी के आरोप लगाए l तब वारसी ने कानूनी नोटिस की बात की l
प्रतिभा शुक्ल उन्नाव में एक समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान फिर जमकर भोले को आड़े हांथों लिया था l दिशा की बैठक के दौरान जो हुआ, उसने सियासी माहौल बेहद गर्म कर दिया l देहात के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक तनातनी के पीछे वर्चस्व की जंग, अप्रतक्ष्य रूप से अपनी जाति का नेता बनने की होड़ और किसी हद तक नफा-नुकसान की तौल भी है l इस मामले पर कुछ स्थानीय नेता गंभीर हैं, कुछ अपने लिए मौके तलाश रहे तो कुछ मौज ले रहे हैं l सवाल मुख्य एक ही है कि ये सियासी शोले शांत कैसे होंगेl
शाह, नड्ढा, धर्मपाल या मुख्यमंत्री के सामने ही बात होगी...
वारसी और भोले के बीच बातचीत का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है,जो कुछ दिन पहले का बताया जा रहा है l इसमें वारसी भोले से साथ बैठकर बातचीत करने की बात कह रहे हैं, लेकिन भोले जवाब दे रहें हैं कि 'नहीं, अब मुख्यमंत्री, अमित शाह, नड्ढा जी और धर्मपाल जी के सामने ही बैठेंगे l तब ही बातचीत होगी' भोले बेहद विनम्रता से कह रहे आप मेरे भाई हो.. प्रणाम l "अमृत विचार" इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता l
वारसी पर एक्शन होना ज़रूरी
कानपुर देहात के पूर्व ज़िलाध्यक्ष मनोज शुक्ल का कहना है कि वारसी को भाजपा में कोई दायित्व नहीं मिला है l फिर भी वह हर जगह पहुंच जाते हैं l उनके कार्यकलाप पार्टी हित में नहीं हैं l उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए l
यह हमारा मामला नहीं है
ज़िलाध्यक्ष रेणुका सचान का कहना है कि यह हमसे संबंधित मामला नहीं है और न ही इस प्रकरण पर हमसे कोई रिपोर्ट मांगी गई है l हम सब लोग संगठित हैं l परिवार है तो बर्तन खटकते रहते हैं l सब ठीक हो जाएगा l
पूरी रिपोर्ट नेतृत्व को भेज दी है
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि इस मामले में पहले भी रिपोर्ट भेज दी थी, जो अभी तक पेंडिंग है और अब फिर पार्टी नेतृत्व को पूरी घटना से अवगत करा दिया है l फैसला वहीं होगा l
हम अपनी बात नेतृत्व तक पहुंचा रहे हैं
पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी का कहना है की हमारे अलावा और भी कई नेता-कार्यकर्त्ता पूरी हकीकत पार्टी नेतृत्व और डीएम तक पहुंचा रहे हैं l ब्लाक और दो पंचायतों से जुड़े लोगों ने अपनी शिकायत अधिकारियों को दी हैl पहले भी कह चुके हैं कि दिशा सदस्यों की नियुक्त का पूरा मामला सामने आना ज़रूरी है l
