बरेली : संतोष गंगवार को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
रुविवि के दीक्षांत समारोह से पहले कार्य परिषद की बैठक में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड शुरू करने समेत कई अहम फैसलों पर लगी मुहर
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 13 नवंबर को होने वाली दीक्षांत समारोह से पहले गुरुवार को कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक हुई। इसमें विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय ने नई परंपरा ''लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड'' शुरू करने का फैसला किया है। इस अवार्ड के तहत शिक्षा, शोध एवं सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं पूर्व छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इसी कड़ी में 23वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। कुलपति ने बताया कि राज्यपाल का विश्वविद्यालय के गठन में अहम योगदान रहा है।
दीक्षांत समारोह में 111 शोध छात्रों को उपाधि और स्नातक एवं स्नातकोत्तर में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 93 छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्य परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के छात्रावासों के नाम बदलने का निर्णय लिया है। मुख्य छात्रावास का नाम अब अरावली छात्रावास, न्यू बॉयज छात्रावास का नीलगिरी छात्रावास और पीजी छात्रावास का नाम मानसरोवर छात्रावास रखा गया है। विश्वविद्यालय ने बेस्ट रिसर्चर अवार्ड शुरू करने की घोषणा की है। इसकी नीति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुरूप तैयार की गई है।
इसके अलावा कई अन्य प्रमुख निर्णय, जिनमें विश्वविद्यालय के सात शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी, कृषि संकाय में पदों का सृजन कर नियुक्ति की प्रक्रिया को अनुमोदित करने के अलावा प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तहत सात नए शिक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई, जो यूजीसी नियमों के अनुरूप है। वहीं, इतिहास विभाग में एक्सपीरियंशियल लर्निंग ग्रुप के संचालन की अनुमति दी गई। कुलपति ने कहा कि समूह से जुड़े छात्र अब विश्वविद्यालय के पांचाल संग्रहालय से सीधे जुड़कर आगंतुकों को जानकारी प्रदान करेंगे। बैठक में घनश्याम खंडेलवाल (गवर्नर नॉमिनी), प्रो. रजनी रंजन (गवर्नर नॉमिनी), कुलसचिव हरिश्चंद, वित्त अधिकारी विनोद कुमार, प्रो. श्याम बिहारी लाल, प्रो. विजय बहादुर यादव उपस्थित रहे।
