बरेली: सीओ व इंस्पेक्टर समेत चार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
अमृत विचार, बरेली। कैंट थाना अंतर्गत युगवीणा लाइब्रेरी में आयोजित सिपाही की जन्मदिन पार्टी में उप निरीक्षक के गोली लगने के चर्चित प्रकरण में अदालत ने उप निरीक्षक की अर्जी स्वीकार करते हुए आरोपी तत्कालीन सीओ व इंस्पेक्टर समेत चार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेªट की अदालत में पीड़ित …
अमृत विचार, बरेली। कैंट थाना अंतर्गत युगवीणा लाइब्रेरी में आयोजित सिपाही की जन्मदिन पार्टी में उप निरीक्षक के गोली लगने के चर्चित प्रकरण में अदालत ने उप निरीक्षक की अर्जी स्वीकार करते हुए आरोपी तत्कालीन सीओ व इंस्पेक्टर समेत चार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेªट की अदालत में पीड़ित उप निरीक्षक संजय सिंह के अधिवक्ता यशेन्द्र सिंह द्वारा 156(3) सीआरपीसी के तहत वाद दायर किया गया था, जिसमें न्यायालय द्वारा थाने से रिपोर्ट तलब की गयी थी, रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय द्वारा मुकदमा दर्ज करने के आदेश किये गये हैं। इस मामले में की जांच एसपी ट्रैफिक भी कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि गोली लगने से घायल हुए संजय सिंह घटना के दौरान उप निरीक्षक के पद पर थाना कैंट पर तैनात थे। संजय ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि कैंट थाना क्षेत्र के तत्कालीन सीओ नगर प्रथम अशोक कुमार सिंह यादव के कहने पर प्रभारी निरीक्षक थाना कैंट धर्मेन्द्र सिंह व स्टाफ बेहद प्रताड़ित करते थे, जिससे परेशान होकर उसने अपना त्याग पत्र शासन को सौंपा था। सीओ ने प्रभारी निरीक्षक के हमराही सिपाही अश्वनी कुमार व एसआई प्रवीन कुमार के साथ मिलकर लॉकडाउन के बाद भी बिना किसी अनुमति के सिपाही अश्वनी कुमार की जन्मदिन की पार्टी का भव्य आयोजन युगवीणा गेस्ट हाउस में कराया था।
जिसमें उनको हर हाल में वहां बुलाने की नीयत से सिपाही अश्वनी कुमार से कई बार कहलवाया था। 17 अगस्त की रात्रि लगभग 10 बजे के करीब जब संजय युगवीणा गेस्ट हाउस में मौजूद था। उस समय प्रभारी निरीक्षक थाना कैंट धर्मेन्द्र सिंह व उनके हमराह सिपाही अश्वनी कुमार व उपनिरीक्षक प्रवीन कुमार व अन्य लोग पार्टी मे मौजूद थे। आरोप है कि डीजे पर डांस करते समय प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने सिपाही अश्वनी कुमार से संजय की सरकारी रिवाल्वर छिनवाकर उसको जान से मारने की नीयत से गोली मरवा दी और गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। सभी ने मिलकर जबरन संजय का मोबाइल छीन लिया ताकि उसका डाटा व अन्य सबूत नष्ट किये जा सके।
हालत गम्भीर होने के बाद भी जबरन थाना कैण्ट ले गये। वहां पर पीड़ित को तड़पता छोड़कर सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के विरूद्ध एक झूठा मुकदमा भी कायम करा दिया। संजय ने गृह जनपद फर्रूखाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज कराया था। घटनाक्रम की शिकायत के बाद भी उपनिरीक्षक को न्याय नही मिल सका। संजय सिंह ने अपने अधिवक्ता यशेन्द्र सिंह के मार्फत सीजेएम कोर्ट के समक्ष आवेदन दिया। जिस पर न्यायालय द्वारा सम्बन्धित थाना कैण्ट से आख्या तलब की थी, जिसे थाना कैण्ट प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह द्वारा ही कोर्ट में भेजा गया था, जो कि खुद उसमें मुल्जिम थे, सीजेएम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कैन्ट इंस्पेक्टर को प्रकरण में तत्काल अभियोग पंजीकृत करने के आदेश पारित किए है।
