UP: अधेड़ ई रिक्शा चालक करता था बच्ची से अश्लील हरकतें, गिरफ्तार
संभल, अमृत विचार। पिता नहीं बल्कि दादा की उम्र के ई-रिक्शा चालक पर भरोसा कर उसे 7 साल की मासूम बेटी को स्कूल लेकर जाने व वापस घर छोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी तो ई रिक्शा चालक ने परिवार का भरोसा तोड़कर शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया। ई-रिक्शा चालक बच्ची बैड टच के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। पता चलने पर मां ने मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस ने आरोपी ई रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया।
संभल कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले के रहने वाली महिला ने अपनी बेटी का दाखिला शहर के प्रतिष्ठित स्कूल में कराया था। मोहल्ले के लोगों ने मिलकर बच्चों को लाने-ले जाने की जिम्मेदारी एक ई-रिक्शा चालक को सौंपी जिसकी उम्र 57 साल से भी ज्यादा थी। अभिभावकों को लगा कि ई-रिक्शा चालक बच्चों का ख्याल रखेगा। अब ई रिक्शा चालक की करतूत सामने आई तो बच्चों के माता-पिता सकते में आ गये। ई-रिक्शा चालक पहले 7 साल की एक बच्ची को बैठाता था। उसके बाद दूसरी बच्ची को लेने जाता था।
दूसरी बच्ची के आने तक वह ई-रिक्शा में बैठी बच्ची के साथ गलत हरकतें करता था। पिछले कई दिन से ई-रिक्शा चालक ने चादर ओढ़कर आना शुरू कर दिया था और वह बच्ची को चादर में लेकर गलत हरकतें करता था। जिस जगह वह ई रिक्शा खड़ा करता था वह जगह सुबह के समय सुनसान ही रहती थी लेकिन जब आसपास रहने वाले लोगों की नजर पड़ी तो उन्होंने सबूत के तौर पर वीडियो बना ली और बच्ची की मां को सारी बात बताई। बच्ची की मां सन्न रह गई। महिला ने तुरंत कोतवाली संभल में ई रिक्शा चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
ई रिक्शा चालक ने कबूली बच्ची से छेड़छाड़ की बात
गिरफ्तार ई-रिक्शा चालक की पहचान शफीक पुत्र छोटे के रूप में हुई है। सीओ संभल आईपीएस आलोक भाटी ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध धारा 75 बीएनएस व 9 एम 9के,9पी व 100 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जब बच्ची रिक्शा में अकेली रह जाती, उस दौरान वह गलत हरकतें करता था। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण रविवार देर रात जिला संयुक्त चिकित्सालय संभल में कराया।
.अभिभावक बच्चों की सुरक्षा का रखें ध्यान
- बच्चों को गुडटच व बैड टच के बारे में समझाएं
- बच्चे से रोजाना दिनचर्या के बारे में पूछने की आदत डालें
- बच्चे से मित्र बनकर जानें ताकि वह खुलकर बात करें
- बच्चों के व्यवहार में बदलाव नजर आये तो गंभीरता से लें
- बच्चा गुमसुम या घबराया नजर आये तो कारण खोजें
