Pilibhit: सर्दियों की बढ़ी शिकार की आशंका, पीटीआर में शुरू हुई एंटी स्नेयर वॉक
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों समेत अन्य स्थानों पर वन्यजीवों का शिकार करने के लिए लगाए गए फंदों के मामले सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन सजग हुआ है। सभी रेंजों में जंगल सीमा से सटे इलाकों में सघन गश्त के साथ ही अब फंदों की खोजबीन के लिए एंटी स्नेयर वॉक शुरू की गई है। वन अफसरों के नेतृत्व में महोफ रेंज में जंगल एवं जंगल सीमा से सटे इलाकों में एंटी स्नेयर वॉक के जरिए फंदों की खोजबीन की गई।
26 सितंबर को कलीनगर तहसील क्षेत्र के नगरिया कट के समीप एक तेंदुआ फंदे में फंस गया था। शासन से अनुमति मिलने के बाद करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद तेंदुआ को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया था। हालांकि तेंदुआ की देर रात पिंजड़े में ही उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में 6 आरोपियों के विरुद्ध केस भी दर्ज किया गया था। इसके बाद 1 नवंबर को शहर से सटे मरौरी ब्लाॅक के गांव लदपुरा में एक तेंदुआ फंदे में फंसा पाया गया था। इस तेंदुआ को भी ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया था। दोनों घटनाओं में लोहे के तार के बने फंदे का इस्तेमाल किया गया था।
इसके साथ ही 17 अक्टूबर को रुटीन गश्त के दौरान बराही रेंज की टीम ने सीमावर्ती क्षेत्र में एक खेत में 75 रेशम के फंदे बरामद किए थे। इस मामले में एक आरोपी को भी हिरासत में लिया था। इधर सर्दी के मौसम में अवैध शिकार के बढ़ने की आशंका और लगातार वन्यजीवों के फंदे (स्नेयर) में फंसने की घटनाएं सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन सजग हुआ है। इसको लेकर रेंजों में एंटी स्नेयर वॉक के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में महोफ रेंज में वन अफसरों के नेतृत्व में एंटी स्नेयर वॉक की गई। इस दौरान टीम ने जंगल एवं जंगल से सटे इलाकों में फंदे और जाल आदि की खोजबीन की। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि एंटी स्नेयर वॉक महोफ के अलावा माला एवं बराही रेंज में कराई जाएगी।
यह होती है एंटी स्नेयर वॉक
एंटी स्नेयर वाक जंगल समेत जंगल सीमा में शिकार के लिए बिछाए गए फंदों को खोज कर उनके हटाने के लिए एक अभियान है। इसका उद्देश्य अवैध शिकार को रोकना और जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वन अफसरों के मुताबिक एंटी स्नेयर वॉक के दौरान एक चुंबकयुक्त छड़ी का प्रयोग किया जाता है।
