अयोध्या में भव्य कलश यात्रा: 108 मातृशक्तियां सरयू जल लेकर पहुंचेंगी राम मंदिर, 20 नवंबर से शुरू होगा दिव्य अनुष्ठान!

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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अयोध्या, अमृत विचार: राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार और अन्य देव विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के तर्ज पर ध्वज आरोहण के लिए कलश पूजन के साथ धार्मिक वातावरण में अनुष्ठान की शुरुआत होगी। मुख्य आचार्य गणेश्वर शास्त्री और उनकी टीम यज्ञ शाला को सरयू जल से शुद्धिकरण करने बाद अनुष्ठान प्रारंभ करेंगे। जिसके यजमान के रूप में राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्रा और अन्य लोग उपस्थित होंगे।

राम मंदिर के मुख्य शिखर समेत सात अन्य मंदिरों के शिखर पर ध्वज आरोहण के लिए पीला वस्त्र धारण किए 108 महिलाएं सरयू तट पर विधि विधान पूर्वक पूजन के बाद कलश में जल भर कर यात्रा निकालेगी। इसके पूर्व सरयू तट पर मुख्य आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्वारा कलश पूजन संपन्न कराया जाएगा। जिसके बाद बड़ी संख्या में मातृ शक्तियों के द्वारा कलश यात्रा लेकर निकलेंगी। जिसमें महिलाएं पारंपरिक धार्मिक गीत गाकर संपूर्ण वातावरण को अपने आराध्य श्री राम को समर्पित करते हुए कलश यात्रा सरयू तट से वीणा चौराहा और फिर राम पथ से होते हुए, श्रृंगार हॉट, दशरथ महल के बाद रंग महल बैरियर से होते हुए यज्ञ मंडप पर पहुंचेंगी।

वर्तमान समय में राम मंदिर और अयोध्या की सुरक्षा को देखते हुए इस यात्रा में शामिल महिलाओं को कलश लेकर परिसर में जाने के लिए पास जारी किया जाएगा। जिसके लिए आमंत्रित की गई महिलाओं के आधार कार्ड जमा कराया गया है। इन सभी महिलाएं कलश यात्रा को संपन्न करने के बाद राम मंदिर दर्शन करेंगे। बैंड बाजा और रामरथ के साथ 20 नवंबर को कलश यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें कार्यकर्ताओं की टोली भगवा ध्वज लेकर शामिल होंगे। वैदिक आचार्य इंद्रदेव मिश्रा ने बताया कि कलश यात्रा के लिए दोपहर 2:30 बजे का समय निर्धारित किया गया है, गुरुवार को अमृत काल का समय अपराह्न 2:14 से 4:02 तक है। इसके अलावा सर्वाधिक सिद्ध योग भी 20 नवंबर को सुबह 10:58 से शुरू होकर 21 नवंबर को दोपहर 1:55 तक रहेगा इसलिए यह कलश यात्रा गुरुवार को ही निकल जाएगी, और अनुष्ठान प्रारंभ होगा।

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