Lucknow News: 16 केंद्रों पर चिकित्सक नहीं, सीएमओ कार्यालय में अफसरी-बाबू गिरी कर रहे विशेषज्ञ
सीएमओ कार्यालय के अफसर नहीं दे रहे सेवा
लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में 16 स्वास्थ्य केंद्र बिना डॉक्टर के संचालित हो रहे हैं और 15 विशेषज्ञ सीएमओ कार्यालय में अफसरी और बाबूगिरी कर रहे हैं। फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स मरीजों को दवाएं दे रहे हैं और गंभीर मरीजों को लौटाया जा रहा है। सप्ताह में दो दिन सेवा देना का नियम होने के बावजूद सीएमओ कार्यालय में पदस्थ विशेष अस्पतालों में सेवाएं देने नहीं पहुंच रहे हैं।
राजधानी में 54 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) संचालित हो रहे हैं। इसमें 16 केंद्रों में कई माह से चिकित्सक नहीं हैं। फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के भरोसे केंद्रों का संचालन हो रहा है। सामान्य बीमारी के मरीजों को यही फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स दवाएं दे रहे हैं।मर्ज थोड़ा गंभीर होने पर मरीजों को दूसरे अस्पताल भेज दिया जाता है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि लोगों को उनके घर के पास इलाज मुहैया हो सके। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं। खाली पड़े पदों पर जल्द ही भर्ती की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
सीएमओ कार्यालय में 15 विशेषज्ञ तैनात
सीएमओ कार्यालय में सात डिप्टी सीएमओ तैनात हैं। सीएमओ के जरिये एक सृजित पद पर चिकित्साधिकारी की तैनाती की गई है। इसके अलावा सात एडिशनल सीएमओ कार्यरत हैं। इसमें एक बेहोशी का डॉक्टर सीएचसी पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसकी एवज में वह एनएचएम से प्रति केस भुगतान भी ले रहे हैं। वहीं सीएमओ कार्यालय में कार्यरत 14 अफसर फाइलें पलट रहे हैं। जिनके जरिये सालों से चिकित्सकीय कार्य नहीं किया गया है।
