लखनऊ में 24 नवंबर से धारा 163 लागू... 53 दिन तक नहीं कर सकते ये काम
लखनऊः लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 नवंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक कुल 53 दिनों के लिए धारा 163 (पूर्व में क्राइम नोटिस 144) लागू कर दी है। इस दौरान शहर में कई तरह के प्रतिबंध रहेंगे जो आम जनजीवन को प्रभावित करेंगे।
क्या-क्या नहीं कर सकेंगे आप?
- 5 या इससे ज्यादा लोग एक जगह नहीं जुट सकेंगे
- बिना पूर्व अनुमति के निर्धारित धरना स्थल के अलावा कहीं भी प्रदर्शन या धरना प्रतिबंधित
- विधानभवन व सभी सरकारी कार्यालयों के 1 किलोमीटर दायरे में ड्रोन उड़ाना व फोटोग्राफी पूरी तरह वर्जित
- गुरु तेग बहादुर जयंती, क्रिसमस, नए साल, मकर संक्रांति जैसे बड़े त्योहारों व संवेदनशील तारीखों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर बबलू कुमार ने बताया कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो चुके हैं।
ज्वलनशील पदार्थ, हथियार पर प्रतिबंध
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया, कि नवंबर, दिसंबर व जनवरी माह में विभिन्न आयोजनों को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है। बिना अनुमति के निर्धारित धरना स्थल को छोड़कर अन्य स्थान पर किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। सरकारी दफ्तरों और विधानभवन के आसपास एक किलोमीटर परिधि में ड्रोन से शूटिंग, ट्रैक्टर, ट्रैक्टर-ट्राली, आदि लेकर आवागमन पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा।
यूपी में आधे मतदाताओं की मैपिंग पूरी, अब नहीं लगेगा एक क्लिक में वोटर कार्ड!
राज्य निर्वाचन आयोग की विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत अब तक प्रदेश के करीब 50% मतदाताओं की 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट से सफलतापूर्वक मैपिंग हो चुकी है। इसका मतलब है कि इन लोगों को नया वोटर कार्ड बनवाने के लिए अब कोई दस्तावेज जमा नहीं करना पड़ेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया:
- पहला चरण 4 दिसंबर तक चलेगा
- सभी 15.44 करोड़ मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है
- ड्राफ्ट मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित होगी
बांग्लादेशी घुसपैठ की जांच
अवैध बांग्लादेशी व रोहिंग्या की पहचान के लिए मेयर सुषमा खर्कवाल खुद मैदान में उतर आईं। मंगलवार सुबह गोमतीनगर विनीत खंड-6 में पोर्टेबल कॉम्पैक्टर स्टेशन पर उन्होंने लखनऊ स्वच्छता अभियान (रामकी) के सैकड़ों सफाई कर्मचारियों व हेल्पर्स के दस्तावेजों की व्यक्तिगत रूप से जांच की।
खास तौर पर असम से आए बताने वाले कर्मचारियों के कागजात बारीकी से खंगाले गए, लेकिन इस टीम में कोई बांग्लादेशी नहीं मिला। मेयर ने सख्त निर्देश दिए है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन और पूरे दस्तावेजों के एक भी नया कर्मचारी न रखा जाए। इसके साथ ही सभी मौजूदा स्टाफ का 100% सत्यापन अनिवार्य हो।
निरीक्षण के दौरान भाजपा पार्षद संजय सिंह राठौर, अरुण राय, पृथ्वी गुप्ता, जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी व रामकी प्रोजेक्ट हेड अभय रंजन भी मौजूद रहे। लखनऊ अब हर स्तर पर सुरक्षा और पारदर्शिता के नए मानक गढ़ रहा है।
