सुलतानपुर : गैंगस्टर सियाराम सोनी को 10 साल का कारावास, 15 हजार रुपए अर्थदंड

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तमंचे व फर्जी कागजात के साथ पकड़ा गया था गिरोह

विधि संवाददाता/सुलतानपुर, अमृत विचार। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट/एडीजे एफटीसी प्रथम राकेश की अदालत ने वर्ष 2002 के चर्चित गैंगेस्टर मामले में लंभुआ कस्बे के दोषी सियाराम सोनी को जानलेवा हमला, गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य आरोप में 10 साल की कैद व 15 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाकर जेल भेज दिया। 

विशेष लोक अभियोजक सुशील सिंह के मुताबिक 16 जून 2002 की रात कोतवाली देहात क्षेत्र में लोहरामऊ तिराहे के पास पुलिस व गिरोह के बीच मुठभेड़ की स्थिति बनी थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सियाराम सोनी गिरोह के साथ चोरी की मोटर साइकिलों को फर्जी कागजात के साथ बेचने जा रहा है।

पुलिस ने घेरा डालकर सियाराम सोनी सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से तमंचे, कारतूस, चाकू व दो मोटरसाइकिलें बरामद हुई थीं, जिनमें एक पुलिस कलर में पेंट की गई मोटर साइकिल भी थी। फर्जी रजिस्ट्रेशन व कागजात भी बरामद हुए थे।

पॉक्सो कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई तीन साल की कैद

स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने बुधवार को किशोरी से छेड़खानी व घर में घुसकर मारपीट व अन्य आरोपों से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी सोनू उर्फ सरवरे आलम को छेड़खानी सहित अन्य धाराओं में तीन साल की सजा व 15 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी सद्दाम हुसैन व कल्ली उर्फ जुनैद को घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए तीन साल व 5-5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक रमेश चन्द्र सिंह के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के एक गांव की रहने वाले पीड़िता किशोरी के पिता ने आठ मई 2020 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने के आरोपी सोनू, सद्दाम, कल्ली व गुलहसन सहित पांच लोगों के खिलाफ छेड़खानी व घर में घुसकर मारपीट व अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों आरोपियो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी को चार वर्ष की सजा

एडीजे चतुर्थ  न्यायाधीश जलाल मोहम्मद अकबर की अदालत ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने कोतवाली देहात थानाक्षेत्र के बरुई निवासी अभियुक्त रामानिषाद  को सुसाइड के लिए उकसाने में दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

एडीजीसी विजय शंकर शुक्ल के मुताबिक मामला बरूई गांव का है। वादी सूर्यबली ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन केश कुमारी को आरोपी लगातार परेशान करता था, जिससे मानसिक तनाव के चलते उसने 11 जुलाई 2022 को आत्महत्या कर ली। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष से पेश पांच गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दोषी को सजा सुनाकर जेल भेज दिया।

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