दिल्ली धमाका : मदरसों व आउटर इलाकों में भी डॉ. आदिल का नेटवर्क, डॉ. शाहीन व आरिफ के संपर्क में थे धर्मगुरु
कानपुर, अमृत विचार। सुरक्षा एजेंसियों की सूचना विंग से सहारनपुर में पकड़ा गया डॉ. आदिल का भी संपर्क शहर में मिला है। जिनकी कड़ियां जोड़ी जा रही है। आदिल का यह नेटवर्क शहर के आउटर इलाकों व मदरसों से जुड़ा है। जहां धार्मिक सभाएं होती थीं। यहां डॉ. आदिल के साथ डॉ. शाहीन, परवेज और डीएम कार्डियोलॉजी के छात्र डॉ. आरिफ के भी संपर्क मिले हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार धार्मिक सभाओं में सहारनपुर, बागपत और मेरठ नंबर की लग्जरी गाड़ियां आती थी। जिनके फुटेज मिले हैं, लेकिन रात के होने के कारण कुछ धुंधले हैं। जिन्हें साफ कराया जा रहा है। धार्मिक सभाओं में कॉटेक्ट में आए लोगों में धर्मगुरु, बिल्डर्स और स्लीपर सेल्स हैं। वहीं बुधवार देर शाम एटीएस ने रावतपुर इलाके में पहुंची मदरसों से जुड़े लोगों की भूमिका पर पड़ताल की।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार धार्मिक सभाओं की जो फोटो सामने आई हैं। उसमें दिखने वाले धर्मगुरु और बिल्डर्स ही फंड मुहैया कराने वाले हैं। आउटर इलाकों से कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की पड़ताल शहर में लगातार जारी है। क्षेत्रों में संपर्क मिलने पर उस इलाके की पूरी जानकारी खंगाली जा रही है।
बुधवार देर शाम एटीएस की एक टीम रावतपुर इलाके में पहुंची और लोगों को कइयों की तस्वीरें दिखाकर उनके बारे में जानकारी एकत्र की। मदरसा के कई छात्रों की भूमिका को लेकर भी एटीएस ने पड़ताल तेज की है। टीम ने रावतपुर के साथ आउटर के कई मोहल्लों में भी गई। वहां भी संदिग्धों के बारे में पूछा गया। वहीं कश्मीर गई एटीएस की टीम ने डॉ. आदिल से संबंधित जानकारियां भी साझा की हैं। जिसके आधार पर भी सुरक्षा एजेंसियां निजी मेडिकल कालेजों में काम करने वाले कश्मीर के मूल निवासी डाक्टरों की छानबीन भी गुपचुप शुरू कर दी है।
डॉ. शाहीन के साथ शहर में देखा गया आदिल
सहारनपुर का आदिल वैसे सभी के साथ मोबाइल संपर्क में रहा हैं, इसकी पुष्टि हुई है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार डॉ. शाहीन कानपुर में आदिल के साथ देखी गई है। इसके तह तक टीम जाने का प्रयास कर रही है। वहीं लखनऊ का रहने वाला शाहीन का भाई डॉ. परवेज के सहयोग से डॉ. आदिल ने लोकल स्तर पर कई प्रापर्टी डीलरों व पुरानी कार बेचने वालों के बीच भी अपना नेटवर्क खड़ा किया था। क्योंकि जो कारें धार्मिक कार्यक्रमों में बाहर से आईं, उनमें से कई शहर में ही हैं। यह कारें उन्हीं पुरानी कार बेचने वालों के पास बताई जा रही हैं।
दिल का डॉक्टर नाम से सेब आरिफ का नंबर
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों की माने तो सहारनपुर का डॉ. आदिल व आरिफ संपर्क में थे। आदिल के नेटवर्क से जुड़े लोगों के पास आरिफ का भी नंबर हैं। उसका नंबर दिल का डॉक्टर नाम से मोबाइल में सेव किया गया है। आरिफ के ऐसे संपर्की लोकल स्लीपर सेल, धर्मगुरू और बड़े-बड़े बिल्डर्स हैं। यहीं लोग जरूरत पड़ने पर फंड भी मुहैया कराते थे।
सात साल में खालों से हुआ करोड़ों का लेनदेन
बैंक खातों की पड़ताल में जुटी सुरक्षा एजेंसियों के सामने आश्चर्य वाला नतीजा सामने आया है। डॉ. शाहीन, डॉ. आरिफ, डॉ. परवेज और डॉ. आदिल के बैंक खातों की जांच में पता चला कि सात सालों में खातों से करीब 40 करोड़ का लेनदेन हुआ है। रकम छोटी-छोटी थी, लेकिन लेनदेन बड़ी हो गई। खातों से छह नवंबर तक लेनदेन हुआ है।
बुधवार को कानपुर के नौ बैंकों में जाकर एनआईए की टीम ने डिटेल जुटाया और पड़ताल शुरू की है। सूत्रों के अनुसार कुछ जानकारी मिल गई है और कुछ जुटाई जा रही है। इसी के आधार पर कानपुर के कई बिल्डर्स, धर्मगुरू और मदरसों में पढ़ने वालों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है। सूत्रों के हवाले से दिल्ली धमाके के बाद अब तक कानपुर में रहने वाले करीब 50 लोगों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
कैंट एरिया में संचालित हो रही संपर्क सेल
सुरक्षा एजेंसियों की माने तो कानपुर समेत कई जिलों में ऑपरेशन विंग काम कर रही हैं। जानकारियों के आदान प्रदान के लिए संपर्क डेस्क बनाई गई है, जो कैंट एरिया में एक सैन्य अधिकारी के बंगले में संचालित हो रही है। यहीं से विंग इंचार्ज और सुरक्षा एजेंसी मुख्यालय में संपर्क होता है। ऑपरेशन कॉटेक्ट, कनेक्शन का काम निपटाने के बाद आदिल, परवेज और शाहीन के रिमांड का अलग-अलग प्रयास होगा। रिमांड में तीन चक्रों में पूछताछ का प्लान बनाया गया है। दूसरे चक्र में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी।
