यूपी में 99.48 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण का कार्य पूरा: लापरवाही पर सख्त है प्रशासन, बैठक कर दिए दिशा निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत अब तक 99.48 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण का कार्य पूरा हो जाने की जानकारी दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कुल 15,44,30,092 मतदाता हैं, अभी तक 15,36,29,570 यानी 99.48 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण का कार्य किया जा चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की प्रगति, दिशा-निर्देशों और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी दलों से मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि एसआईआर के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने दी जाएगी, इसके सख्त निर्देश सभी अधिकारियों को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि, बीएलओ की ओर से 04 नवम्बर से कार्य शुरु किया गया। 04 दिसंबर तक मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाकर जमा किया जाना है। 09 दिसंबर को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन किया जाएगा। फिर 09 दिसम्बर से 08 जनवरी तक प्राप्त दावे एंव आपत्तियों पर सुनवाई के बाद 07 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक लगभग 90 हज़ार से अधिक मतदाताओं ने ऑनलाइन माध्यम से अपना गणना प्रपत्र भरा है।
दो दलों ने नहीं नियुक्त किया बीएलए
उन्होंने कहा कि अभी तक मान्यता प्राप्त सभी राजनैतिक दलों द्वारा 3,85,799 बीएलए नियुक्त किए गए हैं, जिसमें सपा ने 1,12,309, बीजेपी ने 1,56,015, बीएसपी ने 1,00,169, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 16,538, अपना दल (एस) ने 713, सीपीआई (एम) ने 55 बीएलए नियुक्त किए हैं। आम आदमी पार्टी और एनपीपी ने अभी एक भी बीएलए नहीं नियुक्त किया है।
मतदाता से नहीं लिए जा रहे कोई भी दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि किसी भी मतदाता से कोई भी दस्तावेज नहीं लिए जा रहे हैं, जिन मतदातओं द्वारा गणना प्रपत्र पर अपना विवरण भरकर बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा कराया जाएगा, उनका नाम आलेख्य सूची में शामिल होगा। ऐसे मतदाता जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। बैठक में भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप, अपना दल (एस) और एनपीपी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
