परसाखेड़ा आवासीय योजना: भूमि अर्जन की कवायद 14 साल से जारी
बरेली, अमृत विचार। आवास एवं विकास परिषद ने साढ़े 14 साल पहले परसाखेड़ा आवासीय योजना का प्रस्ताव तैयार किया था। इस योजना के लिए भूमि अर्जन के लिए वर्ष 2011 में धारा 28 का प्रकाशन भी किया था, लेकिन अभी योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। जिला प्रशासन की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के जवाब में परिषद के अधिशासी अभियंता ने योजना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है।
परिषद के अधिशासी अभियंता राजेन्द्र नाथ राम ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि आवास एवं विकास परिषद की झुमका चौराहे के पास प्रस्तावित परसाखेड़ा आवासीय योजना के लिए धारा-28 का प्रकाशन 20 मार्च 2011 को हुआ। इसके बाद धारा-26 की कार्रवाई करके योजना के लिए 561.0079 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी। धारा-31 की तारीख 1 सितंबर 2023 घोषित की गई, लेकिन इस बीच 12 साल तक किसी प्रकार की कार्रवाई का जिक्र रिपोर्ट में नहीं है।
नियोजन समिति ने 38.2882 हेक्टेयर भूमि अर्जन किया। रिपोर्ट में बताया है कि परिषद मुख्यालय ने 14 अगस्त 2019 को जारी किए आदेश में योजना की भूमि लैंड पूलिंग द्वारा किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। वृत्त कार्यालय की ओर से 4 अगस्त 2022 को मुख्यालय रिपोर्ट भेजकर बताया गया कि किसानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए कई बार में वार्ता कर अधिक से अधिक किसानों से लैंड पूलिंग के लिए सहमति प्राप्त करने का प्रयास किया गया था।
बोर्ड की 2 नवंबर 2022 को हुई बैठक में प्रथम चरण में लैंड पूलिंग से लिए जाने वाले क्षेत्रफल की स्वीकृति प्रदान की गयी। भूमि अर्जन के लिए 25 नवंबर 2022 को अनुमोदन जारी किया गया। वर्तमान में 58.7472 हेक्टेयर भूमि के लिए 186 किसानों की सहमति प्राप्त हो गई है। इसके सापेक्ष संबंधित किसानों को 25 प्रतिशत विकसित भूखंड उपलब्ध कराए जाने हैं। 29 सितंबर 2025 को रुहेलखंड वृत्त ने परसाखेड़ा योजना के पटरी लेबल को अनुमति प्रदान की। हाल ही में 6 नवंबर को परसाखेड़ा आवासीय योजना के लैंड पूलिंग के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्र में ट्रक सड़कों के कार्य की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए वृत्त कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। 12 नवंबर को परसाखेड़ा योजना में सीवर, नाली आदि के परिकल्पना के लिए वृत्त कार्यालय को पत्र भेजा गया।
अधिशासी अभियंता ने रिपोर्ट में बताया है कि लैंड पूलिंग के अन्तर्गत किसानों को योजना के सेक्टर 4, 6 व 7 में भूखंडों का आवंटन किया जाना है। उक्त सेक्टर में से सेक्टर 7 का नियोजन का कार्य पूरा हो गया। सेक्टर 6 व 7 के नियोजन का कार्य परिषद के वास्तुकला एवं नियोजन इकाई द्वितीय, लखनऊ से प्रगति में है। सेक्टर 4, 8 व 7 में नियोजित होने के बाद लैंड पूलिंग के अन्तर्गत किसानों को भूखंडों के आवंटन का कार्य किसानों को उनके द्वारा दी जाने वाली भूमि के निर्धारित अंश के अनुसार किया जाएगा।
