कौशल विकास और डिजिटल मार्केटिंग से सजा खादी महोत्सव, स्वदेशी, नवाचार और ग्रामीण सशक्तिकरण का भव्य उत्सव
आधुनिक उपकरणों का वितरण और कार्यशालाओं से बढ़ी चमक
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित खादी महोत्सव 2025 प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वावलंबन और स्वदेशी आंदोलन को नई गति देने वाला बड़ा मंच बनकर उभरा है।
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राजधानी में हो रहा यह दस दिवसीय आयोजन पारंपरिक कला, स्थानीय उद्यमिता और नवाचार के समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। कौशल विकास और डिजिटल मार्केटिंग का हुनर सिखाया जा रहा है। साथ ही, आधुनिक उपकरणों का वितरण और कार्यशालाओं ने युवाओं का आकर्षण बढ़ाया है।
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महोत्सव का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ना और छोटे उद्यमियों को सीधा मंच उपलब्ध कराना है। इस वर्ष के महोत्सव का विशेष आकर्षण ग्रामीण उद्यमियों को आधुनिक उपकरणों का वितरण है।
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दोना बनाने की मशीनें, पॉपकॉर्न यूनिट, इलेक्ट्रिक कुम्हार चाक आदि उपकरणों का वितरण किया जा रहा है। इस पहल से पारंपरिक उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी, लागत कम होगी और महिलाओं व युवाओं को नए रोजगार अवसर प्राप्त होंगे।
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तकनीकी उन्नयन की यह पहल स्वदेशी उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम कदम है। खादी महोत्सव में कौशल विकास, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग, पैकेजिंग और उद्यम प्रबंधन पर आधारित कई विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
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इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की क्षमता विकसित करना है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुति ने आयोजन को उत्सव का रूप दिया है।
