निवेश, साझेदारी और भविष्य का बना आर्थिक रोडमैप... अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में यूपी की बनी वैश्विक व्यापारिक पहचान
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें, महाराष्ट्र व राजस्थान बना साझेदार
लखनऊ, अमृत विचार: भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला प्रदेश की नई आर्थिक सोच, नवाचार आधारित विकास और वैश्विक व्यापारिक पहचान को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच बन गया है। यहां विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बीटूबी बैठकें और महाराष्ट्र व राजस्थान के साथ निवेश, साझेदारी और भविष्य का आर्थिक रोडमैप बना है।
देश की राजधानी में ‘लोकल टू ग्लोबल’ थीम पर आधारित इस मेले में प्रदेश ने पारंपरिक हस्तशिल्प, आधुनिक डिजिटलीकरण, स्टार्टअप इकोसिस्टम और निवेश सहयोग मॉडल के समन्वय से प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई मजबूती मिली है। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला–एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना मेले में केंद्र में रही। ओडीओपी के तहत 343 विशेष स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों की विविधता को आकर्षक व आधुनिक स्वरूप में प्रदर्शित किया गया है। उत्तर प्रदेश से 2,750 से अधिक प्रदर्शक मेले में भागीदारी कर रहे हैं।
युवा और महिला उद्यमिता का नया आयाम
मेले में 150 से अधिक युवा स्टार्टअप और महिला उद्यमियों ने अपने नवाचार, डिजाइनों और डिजिटल उत्पादों के साथ प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इनके लिए विशेष नेटवर्किंग सेशन, वर्कशॉप और निवेशक मंच आयोजित किए गए, जहां घरेलू और विदेशी खरीदारों से सीधा संवाद स्थापित हुआ।
ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने ओडीओपी उत्पादों—जैसे आगरा का पेठा, भदोही की कालीन, बनारसी साड़ियां, मेरठ का खेल सामान, फिरोजाबाद का ग्लासवेयर, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच विशिष्ट पहचान दिलाई है।
आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक कौशल का संगम
मेले में उत्तर प्रदेश की आर्थिक दिशा का नया मॉडल भी उजागर हुआ, जिसमें पारंपरिक हस्तशिल्प और एग्री-प्रोडक्ट्स को डिजिटल मार्केटिंग, मॉडर्न पैकेजिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज के माध्यम से वैश्विक बाजार से जोड़ने की रणनीति सामने आई। इससे प्रदेश न सिर्फ नए निवेश आकर्षित कर रहा है, बल्कि अपने उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सफल हो रहा है।
