एसआईआर: शिविरों में सैकड़ों मतदाताओं ने भरे फार्म, कुछ निराश होकर लौटे
बरेली, अमृत विचार। एसआईआर के तहत रविवार को बीडीए कॉलोनी, कर्मचारी नगर और संजय नगर में विशेष शिविर लगाए गए। इनमें सैकड़ों मतदाताओं ने पहुंचकर अपने गणना प्रपत्र भरे। वहीं कुछ लोग डाटा का मिलान न होने के कारण निराश होकर भी लौटे।
शिविर में क्षेत्र के सभी वार्डों के बीएलओ एक जगह एकत्रित होकर एसआईआर के फॉर्म भरने के साथ डाटा मिलाने का कार्य कर रहे हैं। रविवार सुबह से ही तीनाें शिविरों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। बीडीए कॉलोनी में लगे शिविर में मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने, मृतकों के नाम हटाने, पते में बदलाव और अन्य त्रुटियों को ठीक कराने के लिए आवेदकों ने सक्रियता दिखाई। कर्मचारी नगर कैंप में भी महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने एसआईआर के फॉर्म भरे। वहीं संजय नगर में लोगों ने अपने वोट का मिलान किया। कई लोगों ने लिस्ट में नाम नहीं मिलने पर नाराजगी भी जताई।
शिविर में बीएलओ ने लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि वोटर लिस्ट का सत्यापन कर सीधे मतदाता सूची में संशोधन किया जाएगा। एसआईआर अभियान का उद्देश्य है कि आगामी चुनावों में सही मतदाता सूची उपलब्ध हो, ताकि कोई भी मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। शिविरों में विशेष रूप से पार्षद नवल किशोर मौर्य, योगेश गंगवार, अजय त्रिवेदी, राजेश मिश्रा, ललित गंगवार, विमल सक्सेना, रंजीत सिंह राधव, अंकित सक्सेना, राहुल कश्यप और आदित्य सक्सेना आदि का सहयोग रहा।
एसआईआर कार्य में बीएलओ को हो रहीं दिक्कतें
एसआईआर अभियान के दौरान घर-घर संपर्क करने वाले बीएलओ को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एक बीएलओ ने बताया कि जब वे लोगों के घर एसआईआर के फॉर्म भरवाने के लिए जाते हैं, तो अधिकांश लोग घर पर मिल नहीं पाते। इसके अलावा जिन लोगों को फार्म भरने के लिए भेज दिए जाते हैं, वे समय पर वापस नहीं कर पाते, जिसके कारण पुनरीक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बीएलओ का कहना है कि समय पर लोगों का सहयोग न मिलने से क्षेत्रीय स्तर पर डेटा एकत्र करने में कठिनाई आ रही है।
