यूपी में सरल हुई भू-उपयोग प्रक्रिया, टाउनशिप प्रोजेक्ट पकड़ेंगे गति... योगी सरकार ने नीति में यह किया बदलाव
एलडीए को भी कृषि भूमि को सीधे आवासीय भूमि में बदलने का मिला अधिकार। इसके लिए पहले की तरह शासन की अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं।
लखनऊ, अमृत विचार: यूपी में भू-उपयोग प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। इससे राज्य के तमाम जिलों में चल रहे टाउनशिप प्रोजेक्ट तेज गति पकड़ेंगे। वहीं, अब एलडीए को भी कृषि भूमि को सीधे आवासीय भूमि में बदलने का अधिकार मिल गया है। इसके लिए पहले की तरह शासन की अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। योगी सरकार ने यह बदलाव टाउनशिप नीति, के प्रावधानों को सरल करते हुए किया गया है।
दरअसल, मुख्यमंत्री शहरी विकास व नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा-वृंदावन, कानपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, बुलंदशहर-खुर्जा, हापुड़-पिलखुवा, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा सहित 18 प्राधिकरणों की परियोजनाओं को पहले ही 2025-26 रोडमैप में मंजूरी दी जा चुकी है। अब भूमि-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया सरल होने से इन क्षेत्रों में भी बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट तेज गति पकड़ेंगे।
राजधानी की बात की जाए तो इस फैसले के बाद तीन प्रस्तावित टाउनशिप-वरूण बिहार 2664 हेक्टेयर, नैमिष नगर की 1085 हेक्टेयर जमीन अब सीधे प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी से आवासीय घोषित की जा सकेगी। इसका आश्य यह है कि टाउनशिप विकसित होने की प्रक्रिया में अब पहले से कहीं अधिक तेजी आएगी।
यह स्पष्ट कर दिया गया कि भूमि-उपयोग परिवर्तन के लिए शासन की संस्तुति की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर अब संबंधित विकास प्राधिकरण का बोर्ड ही भूमि-उपयोग परिवर्तन को अंतिम मंजूरी देगा। यानी एलडीए बिना किसी फाइल के लंबी प्रक्रिया में फंसने के बजाय अपनी योजनाओं के अनुरूप कृषि भूमि को खुद आवासीय घोषित कर सकेगा।
