एसआईआर प्रक्रिया में ओटीपी नहीं मांगते, रिणवा- धोखाधड़ी के मामलों को लेकर मतदाताओं से सतर्क रहने की अपील
लखनऊ, अमृत विचार: विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान साइबर क्राइम के मामले भी प्रकाश में आए हैं। इसके लिए उप्र. के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए कहा कि कुछ अराजक तत्व बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या निर्वाचन विभाग का प्रतिनिधि बनकर मोबाइल नंबर पर ओटीपी मांगने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि एसआईआर के गणना प्रपत्र भरने में बीएलओ द्वारा किसी भी प्रकार का ओटीपी नहीं मांगा जाता। इसलिए मतदाता ऐसी किसी भी कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि इस तरह की गतिविधियां साइबर ठगी और धोखाधड़ी की श्रेणी में आती हैं। यदि कोई व्यक्ति फोन, मैसेज या किसी अन्य माध्यम से ओटीपी मांगने की कोशिश करे तो तुरंत ऐसी कॉल को अस्वीकार करें और ओटीपी साझा न करें। वास्तविक बीएलओ केवल घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण, संग्रह और आवश्यकतानुसार भरने में सहायता कर रहे हैं। मतदाता चाहें तो स्वयं भी प्रपत्र भरकर बीएलओ को दे सकते हैं।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अफवाहों और धोखाधड़ी से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए और किसी भी शिकायत पर संबंधित एजेंसी को सूचना देकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाह से दूर रहें और केवल अपने बीएलओ से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गणना प्रपत्र भरें।
