बाराबंकी: बचा ले गया संयोग, वरना रूह कंपा देता हादसा, चालक पर मुकदमा दर्ज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। यह महज संयोग ही था कि बुधवार देर रात हुए हादसे के दौरान डंपर अप लाइन पर गिरा अगर डाउन लाइन पर गिरता तो नजारा रुह कंपाने वाला होता। इसके बावजूद उसी समय गुजरी ट्रेन के यात्री ईश्वर का आभार जताते रहे।

उधर इस हादसे में ट्रेन का डिब्बा गिरे पत्थर से क्षतिग्रस्त हुआ, विद्युत लाइन टूटी और रेलवे यातायात करीब पांच घंटे ठप रहा। संकरे और उबड़ खाबड़ पुल ने रेल व प्रशासनिक महकमे की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल डंपर चालक भर्ती है, उस पर रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और घटनाक्रम की जांच शुरु कर दी गई है। 

96

डंपर चालक पर मुकदमा, सही हुआ रेल ट्रैक

बुधवार देर रात करीब दस बज बुढ़वल रेलवे स्टेशन के निकट बने ओवरब्रिज से तेज रफ्तार डंपर बेकाबू होकर रेलवे लाइन पर गिर गया। इसी दौरान गुजरी गरीब रथ एक्सप्रेस पर जहां पत्थर का बड़ा टुकड़ा गिरा। वहीं डंपर के दूसरे ट्रैक पर गिरने से गंभीर हादसा टल गया। मौके पर रेलवे के कर्मी, एसपी व पुलिस पहुंची और डंपर के केबिन में फंसे चालक पंकज कुमार निवासी मनिहारी थाना करनैलगंज जिला गोण्डा को निकाल कर गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। 

इस मामले में रेलवे पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं ओएचई तार टूटने से करंट की चपेट में आई यात्री सोनी कुमारी काे ट्रेन में ही उपचार दिया गया। हादसे में रेल ट्रैक मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुआ, वहीं ओएचई तार टूटकर गिर गए, गुरुवार को रेलवे कर्मी वैगन के जरिए इन तारों को सही करते रहे। हादसे के बाद करीब 25 ट्रेनें लेट हुईं वहीं पांच घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा।

रात होते ही अंधेरे में डूब जाता जर्जर संकरा पुल

बिंदौरा फतेहपुर मार्ग पर बुढ़वल रेलवे स्टेशन के निकट बना उपरिगामी पुल पुराना व काफी संकरा है। उस पर लापरवाही यह कि यहां पर संकेतक, डिवाइडर, रात्रि प्रकाश, चेतावनी बोर्ड नहीं हैं वहीं इस पर बनी रोड भी उबड़ खाबड़ है, जिससे तेज रफ्तार से गुजरने वाले बड़े वाहनों से हर पल हादसे का खतरा बना रहता है। 

बुधवार रात हुए हादसे की वजह तेज रफ्तार तो है ही साथ ही जर्जर रोड भी है। न रेलवे विभाग ने इस पुल को खतरा माना और न ही लोक निर्माण विभाग की नजर में भी यह पुल व मार्ग सुधार लायक रहा। घटना के दूसरे दिन महज रेलिंग सही कर रस्म अदायगी की गई पर रेलिंग ऊंची करना गवांरा न किया गया। बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को लगातार दावत दे रहे। क्षेत्रीय लोगों ने कई बार शिकायतें की लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। 

चौंक गए यात्री, फैल गई दहशत

पुल के नीचे से गुजरते ही तेज आवाज ने यात्रियों को चौंकाने के साथ ही दहशत से भर दिया। ट्रेन थाड़ी धीमी हुई तो निकट का नजारा देख वह सन्न रह गए। सभी यात्री यही कहते रहे कि भगवान ने बचा लिया वरना जाने क्या होता। हालांकि एक बड़ा पत्थर ट्रेन की बोगी पर गिरा तो चालक ने आपात ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। 

उतरे यात्रियों ने देखा कि ओवरब्रिज में लगी रेलिंग का बड़ा हिस्सा बोगी पर पड़ा था, जिसे रेल कर्मियों ने बड़ी मशक्कत से हटाया। कुछ वक्त बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया पर यात्री सहमे नजर आए। सुधार पर करोड़ों अरबों खर्च कर रहे रेलवे विभाग से अहम कमियां दूर नहीं की जा रहीं। जैसे कि केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक खराब पड़ा है। वहां से गुजरने वाले राहगीर और बाइक सवार पत्थरों व ट्रैक में फंसकर गिरते हैं और चोटिल हो जाते हैं पर इसे सही करना उचित नहीं समझा गया। 

अप व डाउन की 14 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित 

बुधवार देर रात डंपर के ट्रैक पर गिरने के कारण हुए हादसे के कारण अप व डाउन की 14 ट्रेनों के संचालन का मार्ग बदला गया है। इसमें लखनऊ की ओर से जाने वाली ट्रेनें बाराबंकी अयोध्या से मनकापुर गोंडा होते हुए गोरखपुर भेजी जा रही है। इसी तरह गोरखपुर से आने वाली ट्रेनों को गोंडा मनकापुर अयोध्या बाराबंकी से लखनऊ भेजा जा रहा है। 

डायवर्ट की गई ट्रेनों में राप्ती गंगा एक्सप्रेस (15005), अरुणाचल एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22411), अवध असम एक्सप्रेस (15909), सप्त क्रांति सुपर फास्ट एक्सप्रेस (12558), न्यू जलपाई गुडी दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12524), बरौनी ग्वालियर एक्सप्रेस (11123), मुम्बई एलटीटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस (20104), कामाख्या गोमती नगर सुपर फास्ट एक्सप्रेस (15077), अमृत भारत एक्सप्रेस (15568), कृषक एक्सप्रेस (15008), सप्त क्रांति एक्सप्रेस (12557), अवध एक्सप्रेस (19038), गोरखपुर मुम्बई स्पेशल एक्सप्रेस (01080) व छपरा इंटर सिटी एक्सप्रेस (15113) शामिल हैं।

संबंधित समाचार